हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जनवरी से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री
मुफ्त इलाज’ योजना दूसरे दिन वीरवार को भी धरातल पर नजर नहीं आई।
मरीजों
को अधिकतर दवाएं बाहर से ही लेनी पड़ी। सिरप के नाम पर डिस्पेंसरी में कोई
दवा नहीं मिली। वहीं, सिविल सर्जन ने कहा कि अभी योजना की शुरुआत है,
धीरे-धीरे सभी सुविधाएं मिलेंगी। अब सवाल यह उठता है कि सीएम द्वारा दस
नवंबर को योजना की घोषणा के बावजूद संसाधन क्यों नहीं जुटाए गए।
जिला
अस्पताल में वीरवार को करीब 400 ओपीडी हुई तो एकाएक दवाओं की कमी साफ
दिखाई दी। उपचार करवाने आए मरीज सुरेंद्र कुमार निवासी गांव खारियां,
गिरधारी लाल निवासी प्रेम नगर सिरसा, देवीलाल निवासी कीर्ति नगर, शैलेंद्र
कौर निवासी जेजे कालोनी, कमलेश रानी निवासी कल्याण नगर, किरण निवासी जेजे कालोनी, गीता देवी निवासी संजय कालोनी, अंजलि, बबीता, सुरेंद्र, राजाराम,
रंजीत, महेंद्र, पूजा, सतनाम और जीत सिंह आदि ने बताया कि सर्दी के मौसम को
देखते हुए उन्हें खांसी, जुकाम और खारिश आदि की शिकायत थी। जब डॉक्टरों से
पर्ची लेकर वे दवा लेने काउंटर पर गए तो फार्मासिस्ट ने उनसे कहा कि उनके
पास गोलियां तो है, लेकिन सिरप नहीं है। इस वजह से उन्हें काफी दवाएं बाहर
से लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ.
वीरेश भूषण ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है। यदि दवाएं
बाहर से लाने के बारे में कहा जा रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। उधर,
फार्मासिस्ट ने बताया कि जो दवाएं उनके पास हैं, वे दी जा रही हैं।
उन्होंने दवाओं की कमी के बारे में अस्पताल प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
दूसरी ओर सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन का कहना है कि अभी योजना की शुरुआत
है। कुछ तो परेशानी आती है पर भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं
आने दी जाएगी।