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निर्माणाधीन मेडिकल में मशीन से नीचे दबने से मजूदर की मौत

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निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में पलटी हाइड्रो मशीन, जिसके नीचे दबने से मजदूर की मौत हुई। संवाद - फोटो : Narnol
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गांव कोरियावास में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में रविवार शाम को काम करते समय हाइड्रो मशीन के नीचे दबने से एक मजदूर की मौत हो गई। कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लेक र जाने लगी तो वहां मौजूद लोगों व मजदूरों ने कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा उचित मुआवजा देने तक शव उठाने से मना कर दिया। इस पर पुलिस भी बिना शव लिए ही वापस लौट गई। रविवार दोपहर बाद ठेकेदार व मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
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जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब सवा छह बजे में मेडिकल कॉलेज के निर्माण में जुटी हाइड्रो मशीन लोहे के सरिये लिफ्टिंग कर रही थी। वहीं पर बिहार के जिला गया के गांव ढोकलबिघा निवासी नंदू यादव भी मौजूद था, मगर हाइड्रो मशीन द्वारा क्षमता से अधिक सरिये एक साथ लिफ्टिंग करने पर मशीन पलट गई। इसमें वहां मौजूद मजदूर नंदू यादव मशीन के नीचे दब गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से हाइड्रो मशीन के मजदूर को निकाला, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची, मगर वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने कंपनी के मैनेजर आदि को मौके पर बुलाकर मृतक के परिजनोें को उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए शव को नहीं उठाने दिया।
मृतक मजदूर के हैं पांच बच्चे
घटनास्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों ने बताया कि मृतक की चार बेटियां और एक बेटा है। परिवार में वह अकेला कमाने वाला था। ऐसे में उनका पूरा परिवार अब सड़क पर आया गया है। इसलिए मृतक के परिवार व बच्चों के पालन-पोषण के लिए कंपनी द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। मजदूरों ने बताया कि घटना के बाद से ही यहां मौजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी गायब हैं। अभी तक कंपनी के किसी भी कर्मचारी ने यहां आकर घटना की जानकारी नहीं ली है। इससे मजदूरों में कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ रोष है।
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उचित मुआवजा नहीं मिलने तक नहीं करेंगे कार्य
मृतक मजदूर के समर्थन में आए पवित्र यादव, विकास यादव, विनोद, संजू, रामेश्वर, धर्मेंद्र व पप्पू आदि मजदूरों ने कहा कि जब तक मृतक के परिवार को कंपनी द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है तब तक वे कार्य पर नहीं लौटेंगे, क्योंकि यहां पर करीब एक हजार मजदूर कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। ऐसे में अगर उन्हें कुछ हो गया तो उनके परिवार की देखभाल कौन करेगा। इसलिए कंपनी को मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हादसा स्टोर कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है, क्योंकि मृतक नंदू यादव कारपेंटर का कार्य करता था। लेकिन रविवार को उससे दूसरा कार्य करवाया जा रहा था। इसलिए स्टोर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के विरोध में रोष जताते मजदूर । संवाद- फोटो : Narnol

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