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दो दिन हुई बारिश से भरे छोटे, बड़े डैम

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बारिश के बाद बांध में आया पानी। - फोटो : Narnol
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दो दिन हुई अच्छी बारिश से सभी छोटे व बड़े डैम पानी से भर गए हैं। कई किलोमीटर में फैला मुसनोता का बांध भी पानी से भरा है। सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. हरिराम यादव ने बताया कि जल शक्ति अभियान एक व दो में कुल 105 छोटे बांध व 10 जोहड़ों का पुनर्निर्माण करवाया गया है। इस वर्ष जल शक्ति अभियान के तहत 51 छोटे बांध तथा 3 जोहड़ों व 13 परंपरागत जल स्रोतों का निर्माण करवाया गया है।
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योजना के तहत गांव मुसनोता, गोलवा छिलरो, तलोट, कारोली, मारोली, धानोता, नायन, खटोटी कला, गहली, दंचोली, बायल, रावता की ढाणी, लुजोता, खोड, बापडोली व महरमपुर गांव में काम करवाया गया। वर्षा होने के बाद जिले में बनाए गए सभी बांध व जोहड़ों में पानी भर गया है। विशेष रूप से गांव छिलरो में 10 छोटे बांधों में पानी भर गया है। धानौता में तीनों जोहड़ों में पानी भर गया है। इसके अलावा गोलवा, मौसनुता गांव में छोटे-छोटे 50 बांधों में पानी भर गया है। इसी प्रकार कारोली में 15 बांधों में मारोली में 10 बांधों में पानी भर गया है। इस प्रकार जिले में जल शक्ति अभियान के तहत 120 जल संरक्षण योजना के तहत करवाए कार्यों में पानी भर गया है।
उन्होंने बताया कि बरसात के कारण बांधों में पानी भरने से उनके आसपास के कुओं का अब जलस्तर भी बढ़ जाएगा और बांध बनाने से किसानों के खेत का कटाव भी रुका है। बरसात के कारण खेती में जो कटाव होता था उसे उनके खेत की उपजाऊ भूमि बहकर चली जाती थी। इन बांधों के बनाने से अब किसानों के खेतों में भूमि का कटाव नहीं होता है। अब उन खेतों में नमी का जो संरक्षण हुआ है उसके कारण खरीफ फसल तथा आने वाली फसल की पैदावार भी बढ़ेगी। इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।
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उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेतों में जो बांध बने हैं तथा उनमें जो जल संरक्षण हुआ है उसके कारण उसके आसपास के किसानों में भी जागृति पैदा हुई है। अब क्षेत्र के अन्य किसान भी जागृत हो रहे हैं।
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