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रसोई गैस सिलिंडर में 50 रुपये बढ़ौतरी से रसोई का बिगड़ा बजट

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महंगाई की मार झेल रहे लोगों को रसोई गैस ने एक बार फिर जोर का झटका दिया है। मंगलवार को प्रति गैस सिलिंडर पर पचास रुपये की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में लोगों को अब एक सिलिंडर के लिए पचास रुपये अधिक देने होंगे। यानी पहले जिस सिलिंडर के लिए 917.50 रुपये देना पड़ता था उसकी जगह अब 967.50 रुपये देना होगा। गैस की बढ़ती कीमत पर जब टीम ने कुछ गृहणियों से बात की तो उन्होंने कहा कि गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमत से रसोईघर का बजट बिगड़ेगा।
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गैस महंगी होने से बढ़ेंगी मुश्किलें
कोरोना की मार से अभी लोग उबरे नहीं हैं। सब्जी व खाद्य पदार्थों की महंगाई ने भोजन का स्वाद पहले से ही बिगाड़ दिया है। अब रसोई गैस के मूल्य में बढ़ोतरी करके मुश्किल बढ़ाने का काम किया गया है। आम लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार को लोगों को राहत देनी चाहिए नहीं कि उनकी मुश्किलें और बढ़ानी चाहिए। पचास रुपये की बढ़ोतरी उचित नहीं है। -शर्मिला
गैस सिलिंडर की कीमतों की बढ़ोतरी से प्रभावित होगा बजट
रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में पचास रुपये की हुई बढ़ोतरी का सीधा असर घर के बजट पर पड़ेगा। सब्जी, सरसों तेल, रिफाइन समेत अन्य उत्पादों की कीमत पहले से आसमान छू रही है। ऐसे में, रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी करना लोगों पर अतिरिक्त बोझ थोपने के बराबर है। अभी कुछ बिगड़ा नहीं है। सरकार को सोच-विचार करने की आवश्यकता है। -ज्योति
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सरकार कीमत घटाती है एक दो रुपये, बढ़ाती है 50 रुपये
अगर थोड़ा पिछे मुड़कर देखें तो रसोई गैस हो या डीजल, पेट्रोल। इनकी कीमत घटती है तो महज एक से दो रुपये। लेकिन, जब बढ़ोतरी की जाती है तो वह इतना भारी होता है, जिससे संभलना मुश्किल हो जाता है। आज पचास रुपये एक सिलिंडर पर बढ़ा है। सरकार कभी इस बात पर ध्यान दी है कि कोरोना काल के बाद लोगों की कितनी आमदनी बढ़ी है? -अक्षिता
सरकार ने फिर लोगों को मुश्किल में डाला
केंद्र में बैठी सरकार को आम लोगों की परेशानियों से कोई मतलब नहीं रह गया है। तभी तो डीजल, पेट्रोल और सिलिंडर की कीमत में एक बार में पचास रुपये की बढ़ोतरी की गई है। खास यह है कि हमारी बातें उन तक नहीं पहुंचती। सीधा मतलब यह है कि हम जो कर रहे हैं वह ठीक है, जनता पर क्या गुजर रही है इसके बारे में सरकार सोचती भी नहीं है। -सपना
घरेलू सामान की कीमत पर रखना चाहिए ध्यान
सरकार को अपने बजट में कम से कम घरेलू सामानों की कीमत का ध्यान रखना चाहिए। किस उत्पाद पर मूल्य बढ़ाएंगे और इसका असर लोगों पर क्या पड़ेगा इसको हमेशा से नजरअंदाज किया जाता रहा है। सरकार को शायद जनता की मुश्किलों से कोई लेना देना नहीं रह गया है। तभी तो बिना सोचे समझे रसोई गैस सिलिंडर जैसे आवश्यक वस्तु पर कीमत बढ़ाया गया है। -पूनम
गैस कीमत बढ़ोतरी से जनता पर पड़ेगा बोझ
सरकार ने रसोई गैस की कीमत पर जो बढ़ोतरी की है उससे जनता पर बोझ बढ़ेगा। लेकिन, सरकार भी कहीं न कहीं मूल्यों में वृद्धि करने को विवश है। मामला चाहे जो हो पर गैस की कीमत में जो पचास रुपये की बढ़ोतरी हुई है उससे लोगों का बजट निश्चित रुप से प्रभावित होगा। सरकार को आवश्यक वस्तुओं की मूल्य में बढ़ोतरी करने से पहले सोचना चाहिए। -सुशीला
7 घर खर्च चलाना हुआ मुश्किल
रसोई गैस सिलिंडर में हुई बढ़ोतरी होने के साथ महिलाएं ही नहीं बल्कि कमाने वाले घर के सदस्यों के चेहरे से भी लाली उड़ गई है। इस महंगाई से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। गैस के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए। कम से कम चुनाव के समय किए वादे को भी ध्यान रखना चाहिए। -सीमा
आमजन के हित में नहीं है गैस की कीमत में बढ़ोतरी
कोरोना और महंगाई आम लोगों की कमर तोड़ दी है। महंगाई बढ़ने का कारण चाहे जो भी हो, लेकिन यह आम लोगों के हित में नहीं है। कोराना से कारोबार की हालत ठीक नहीं है। घर में आमदनी पहले के मुकाबले कम हो गई है। सरकार को आम लोगों की परेशानी को देखते हुए कोई फैसला लेना चाहिए। गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। -स्नेह लता।
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