वर्तमान में उत्तरी मैदानी राज्यों में पछुआ पवन चलने से एक्यूआई में सुधार होना शुरू हो गया है।
जिला महेंद्रगढ़ में काफी सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक नारनौल का 105, महेंद्रगढ़ का 100, सतनाली 85, कनीना 64, अटेली 105, नांगल चौधरी 110 श्रेणी के नजदीक पहुंच गया है। हरियाणा के कई शहरों में अभी भी खराब हालात हैं। ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि 2-3 दिन तक उत्तरी मैदानी क्षेत्रों में उत्तरी पछुआ हवाओं के चलने से प्रदेश की हवा में काफी सुधार आएगा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 24 नवंबर से उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी हिमपात होने की संभावनाएं बन रही है। जिसकी वजह से उत्तरी मैदानी राज्यों के तापमान में भारी गिरावट आएगी। न्यूनतम तापमान पंजाब में जालंधर का 4.8 डिग्री सेल्सियस, राजस्थान में सबसे कम तापमान सीकर का 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में सबसे कम तापमान हिसार का 6.6 डिग्री सेल्सियस, महेंद्रगढ़ का 6.9 डिग्री सेल्सियस और नारनौल का 8.4 दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में पवन की दिशा उत्तरी हो जाएगी, जिसकी वजह से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस कम होने की संभावनाएं बन रही है। नवंबर के अंत तक मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर चलने की पूर्ण संभावनाएं बन रही हैं। जो पूरे दिसंबर तक चलने की पूरी संभावना है।