कोरोना की दूसरी लहर में भयावहता स्थिति झेल चुके महेंद्रगढ़ वासियों को अब आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गांव रामपुरा पीएचसी में आरटीपीसीआर लैब बनकर तैयार हो गई है। इसकी मशीनों का ड्राई रन भी हो चुका है। केवल सैंपल जांच करना बाकी है। अब लोगों को 12 घंटे बाद ही कोरोना की जांच रिपोर्ट मिल जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जल्द ही प्रदेश की सात एनटीपीसीआर लैब का उद्घाटन करेंगे। इनमें से एक लैब नारनौल की भी शामिल होगी। उम्मीद की जा रही है कि नए वर्ष पर स्वास्थ्य मंत्री जिले वासियों को यह सौगात दे सकते हैं। आरटीपीसीआर जांच लैब तैयार होने से जिले के करीब 15 लाख आबादी को फायदा होगा।
500 सैंपल की होगी एक साथ जांच
वरिष्ठ फार्मासिस्ट सतपाल यादव ने बताया कि जिले के गांव रामपुरा में एनटीपीसीआर जांच लैब का लगभग कार्य पूरा हो चुका है। सभी मशीनें इन स्टाल हो चुकी हैं। चिकित्सकों ने इसका ड्राई रन टेस्ट भी ले लिया है। अभी आईसीएमआर की ओर से भेजे गए सैंपल की जांच की जाएगी। उसके बाद उनको वापस भेजा जाएगा। आईसीएमआर की अप्रूवल मिलने के बाद पूरी तरह से यह तैयार हो जाएगी। इसमें एक साथ 500 सैंपल लगाए जा सकेंगे। सुबह जांच करवाने के बाद शाम 7 बजे तक उसकी जांच रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट का संदेश पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर जाएगा।
कर्मचारियों की हो चुकी है ट्रेनिंग
इस लैब में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा हो चुका है। पिछले सप्ताह रोहतक पीजीआई में 5 लैब टेक्नीशियन तथा 2 डाटा ऑपरेटर प्रशिक्षण लिए थे। अब इन कर्मचारियों की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लैब में ही लगाई जाएगी।
मेवात भेजना पड़ता है सैंपल
वर्तमान में सैंपल को प्रत्येक दिन मेवात मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से भेजा जाता है। इससे सरकार को प्रतिमाह लगभग 65 हजार रुपये एंबुलेंस के तेल पर खर्च करने पड़ते हैं। साथ ही रिपोर्ट के लिए भी तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करते हुए नारनौल में भी आरटीपीसीआर जांच लैब स्थापित करने की घोषणा की थी।
एंटीजन किट के भरोसे लोगों की हो रही जांच
बता दें कि इमरजेंसी में जिले में अभी कोरोना की जांच एंटीजन किट से की जा रही है, जिसमें गंभीर लक्षण मिलने पर ऐसे लोगों के सैंपल को एकत्रित कर एक साथ मेवात भेजा जाता है। जिसमें समय लगता है। वहीं एंटीजन जांच पर लोगों का भरोसा भी नहीं होता है।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में आरटीपीसीआर जांच लैब बनकर तैयार है। स्वास्थ्य मंत्री जल्द ही ऑनलाइन इसका उद्घाटन करने वाले हैं। ऑक्सीजन प्लांट पहले ही शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिले में आरटीपीसीआर जांच लैब स्थापित होने और ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार होने से यहां के लोगों को पूरा फायदा होगा।