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नहीं शुरू हो पाई सतनाली कॉलेज में स्नातकोत्तर की कक्षाएं

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राजकीय महाविद्यालय सतनाली। - फोटो : Narnol
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राजकीय महाविद्यालय सतनाली में पिछले चार वर्षों से स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू नहीं होने से क्षेत्र के करीब 30 गांवों के 500 से अधिक विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। सतनाली में कॉलेज निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी जिसके बाद 2013 में कॉलेज निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इसके बाद वर्ष 2017 नवंबर में कालेज में तीनों संकायों में स्नातक की कुल 640 सीटें निर्धारित की गई।
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वर्ष 2013 में कस्बे के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उपलब्ध करवाए गए वैकल्पिक भवन में कक्षाएं शुरू की गई थी। नवंबर 2017 में महाविद्यालय का भवन तैयार होने के बाद 640 सीटें निर्धारित कर कालेज की शुरूआत की गई थी। इस समय बीए की 380, बीकॉम की 80, बीएससी नॉन मेडिकल की 120 तथा बीएससी मेडिकल की 60 सीटों को मिलाकर कुल 640 सीटें हैं।
क्षेत्रवासियों ने सरकार से सतनाली महाविद्यालय में सीटें बढ़ाने की मांग के साथ-साथ स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू करने की मांग पिछले पांच वर्षों से कर रहे हैं। इसके लिए सीएम से लेकर शिक्षामंत्री व स्थानीय नेताओं तक गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन विद्यार्थियों को स्नातक से आगे की पढ़ाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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सतनाली कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुुरू करवाने के लिए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भी बार-बार पत्र लिखा गया है। कॉलेज में ज्योग्राफी एवं केमेस्ट्री से एमएससी तथा राजनैतिक विज्ञान से एमए की कक्षाएं शुरू कराने की स्वीकृति देने के लिए पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक निदेशालय की ओर से कोई आदेश नहीं आए हैं।
-डॉ. सुधीर लांबा, प्रभारी प्राचार्य,महाविद्यालय सतनाली,
सतनाली कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरु नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। स्नातक करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ता है ऐसे में अनेक विद्यार्थी तो आगे की पढ़ाई से वंचित भी रह जाते हैं। -काजोल, दगड़ौली
आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए सतनाली में महाविद्यालय होने से स्नातक तक की पढ़ाई तो सुगम हो गई है लेकिन कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू नहीं होने से समस्या बनी हुई है। बीए करने के बाद एम की पढ़ाई के लिए दूरदराज के कॉलेजों का रूख करना पड़ रहा है। - मोनिका, गादड़वास
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- पीजी कक्षाएं शुरू होने से छात्राओं को मिलेगा लाभ:
सतनाली में कॉलेज बनने के बाद स्नातक तक की पढ़ाई तो पूरी हो जाती है लेकिन इससे आगे की पढ़ाई के लिए परेशानी वही है। सतनाली में स्नातकोत्तर कक्षाएं भी लगवाई जाती हैं तो विद्यार्थियों विशेषकर छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। - सुषमा जवाहरनगर
सतनाली कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू नहीं होने से यहां के 30 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को मजबूरी में दूर-दराज के कॉलेज में जाना पड़ता है। सतनाली अनेक गांवों का केद्र बिंदु है और आसपास के विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं ऐसे में यहां स्नाकोत्तर कक्षाएं शुरू होने से इसका लाभ मिलेगा। -पूनम, ढ़ाणा
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