नारनौल। शहरी संपत्तियों के विवादों को खत्म करने के लिए सरकार ने एक जुलाई से शहरी निकाय स्वामित्व योजना लागू की है। इस योजना के तहत नगर निगम, पालिका, परिषद की भूमि पर 20 वर्ष या इससे अधिक वर्ष से रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। नगर परिषद नारनौल के तहत 460 के करीब ऐसी प्रॉपर्टी हैं जिन्हें परिषद द्वारा तहत बाजारी, किराए, लीज या लाइसेंस पर दी हुई है। उक्त प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक लेने के लिए 200 के करीब लोग अभी तक आवेदन कर चुके है। यह संख्या आगे और भी बढ़ेगी, क्योंकि अभी आवेदन लिए जा रहे है।
शहर की निकाय की भूमि पर अक्सर कब्जाधारियों व विभाग के बीच विवाद बना रहता है। कई जमीनी तो न्यायालयों में भी चल रहे है। इसलिए सरकार ने ऐसे मामलों का निपटान करने के लिए शहरी निकाय स्वामित्व योजना शुरू की है। इस योजना के तहत नगर निगम, परिषद व पालिका की जमीन पर लोग पिछले 20 साल से काबिज हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत उक्त जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए काबिज व्यक्ति को मालिकाना हक के लिए कलेक्टर रेट के हिसाब से अदायगी करनी होगी। (संवाद)
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक लेने के लिए रह रहे आदमी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। वह किसी भी साइबर कैफे से आवेदन कर सकता है। इसके लिए व्यक्ति के पास तहतबाजारी, किराए, लाइसेंस या लीज की रसीद होनी चाहिए। इसके अलावा नक्शा व बिजली का बिल होना आवश्यक ह्रै।
करनी होगी निर्धारित राशि की अदायगी
आवेदन के बाद काबिज व्यक्ति की भूमि का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद उसे सरकार द्वारा निर्धारित कलेक्टर रेट के हिसाब से राशि की अदायगी करनी होगी। इसके लिए सरकार से छूट भी दी गई है। अगर व्यक्ति परिषद की जमीन पर 25 साल से काबिज है तो उसे 20 प्रतिशत, 30 से काबिज है तो 30 प्रतिशत तथा 40 साल के लिए 40 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
वर्जन
स्वामित्व योजना के तहत अभी तक 200 के करीब लोगों को आवेदन किए है। आने वाले आवेदकों की सर्वे कराया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार निश्चित अदायगी करने के बाद उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा।
- अंकित वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता नगर परिषद नारनौल।