जिला महेंद्रगढ़ में सैकड़ों की संख्या में स्टोन क्रशर लगे हुए हैं जिनके कारण पूरे दिन धूल मिट्टी उड़ती रहती है। इन्हीं समस्याओं से परेशान इंजीनियर तेजपाल ने एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।
नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र में चल रहे क्रशरों के विरोध में रविवार को धोलेड़ा के अंदर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में फैसला लिया गया कि जब तक सरकार और प्रशासन यहां क्रशर बंद नहीं करते, तब तक सरकार के किसी नुमाइंदे सांसद व विधायक को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। साथ ही आने वाले चुनाव के बहिष्कार कर वोट नहीं डालने का फैसला किया गया। पंचायत की अध्यक्षता इंजीनियर तेजपाल ने की। इस मौके पर अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
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लोगों ने काली पट्टी सिर पर बांधकर विरोध जताया। इंजीनियर तेजपाल ने कहा कि क्रशर संचालकों से मिलीभगत करके प्रशासन व सरकार इनको बंद नहीं करवा रहा। एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि यहां के ग्रामीण रोजाना घुट-घुट कर मरने को मजबूर है। इस कारण यहां के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है जबकि सरकार व प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा तथा कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
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जिला महेंद्रगढ़ में सैकड़ों की संख्या में स्टोन क्रशर लगे हुए हैं जिनके कारण पूरे दिन धूल मिट्टी उड़ती रहती है। इन्हीं समस्याओं से परेशान इंजीनियर तेजपाल ने एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जिला महेंद्रगढ़ व दादरी जिला के 70 स्टोन क्रशर पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाकर इनको बंद करवाने का आदेश दिए थे। लेकिन इन आदेशों के बावजूद भी सरकार व जिला प्रशासन यहां से क्रशर बंद नहीं करवा पाई, जिसके विरोध में आज पंचायत का आयोजन किया गया था।