गांव माजरा कलां में अज्ञात कारणों से गेहूं की फसल में आग लग गई। आग से डेढ़ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल और पांच एकड़ में करीब दो हजार पौधे जल गए। गनीमत रही कि मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, अन्यथा आसपास बड़ा नुकसान हो सकता था।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे आग लगने की सूचना ग्रामीणों द्वारा मिलने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। कुछ देर में ही दूसरी गाड़ी भी पहुंच गई। ग्रामीणों एवं दमकल कर्मियों के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। वहीं डायल 112 पर कॉल के बाद शहर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार और सदर थाना प्रभारी रामनाद भी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से खड़ी फसल की जुताई कर आग को आगे बढ़ने से रोक दिया। कई ग्रामीणों ने रेत डालकर आग को फैलने से रोका, लेकिन लोगों के काफी प्रयास के बाद भी डेढ़ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल और पंचायती भूमि पर पांच एकड़ में खड़े करीब 2 हजार पेड़-पौधे जल गए।
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने दिखाई तत्परता
दमकल विभाग की ओर से स्टेशन इंचार्ज जगदीश प्रसाद, एफएम देवेंद्र कुमार, फायरमैन अमरजीत यादव, चालक मंशराम, शैलेंद्र, महावीर की टीम ने दो गाड़ियों मदद से आग पर काबू पाने में सफल रहे।
पट्टे पर लेकर की थी खेती
पंचायत की साढ़े छह एकड़ भूमि पट्टे पर लेकर तीन एकड़ में सरसों और करीब तीन एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की थी। गेहूं की फसल पककर तैयार थी। दोपहर में अचानक आग लगने से करीब डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल जल गई। सरकार से मांग करता हूं कि उचित मुआवजा दिया जाय। जगराम सिंह, किसान।
इस समय बारूद है गेहूं की फसल
इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह से पक चुकी है। ऐसे में आग लगने की संभावना अधिक रहती है। किसान अपनी फसलों को तारों से दूर रखें और बीड़ी आदि पीकर इधर-उधर न फेंके। इस समय फसल सूख चुकी है, जो बारूद के समान है। किसान हर प्रकार से सावधानी बरतें। खुशीराम, किसान
गांव माजरा कलां में दमकल विभाग के कर्मचारी आग बुझाते हुए। संवाद- फोटो : Narnol