अधिवक्ता पर झूठा मामला दर्ज करने पर पुलिस अधीक्षक का पुतला फूंकते वकील। संवाद
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बार एसोसिएशन के अधिवक्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने के विरोध में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर महावीर चौक पर पुलिस अधीक्षक का पुतला फूंका। इसके बाद अधिवक्ता उपायुक्त को ज्ञापन देने के उनके कैंप कार्यालय पहुंचे, लेकिन उपायुक्त ज्ञापन लेने नहीं आए तो अधिवक्ताओं ने महेंद्रगढ़ को जाम कर दिया। उसके बाद उपायुक्त अपनी गाड़ी में बैठ कर अपने कार्यालय में जाना चाहा तो उनकी गाड़ी को अधिवक्ताओं ने रोक लिया तथा उपायुक्त को ज्ञापन दिया गया। प्रधान यशवंत यादव ने कहा कि उपायुक्त का व्यवहार सही नहीं रहा। इस पर फिर से बार एसोसिएशन की बैठक हुई। जिसमें उपायुक्त व अन्य कार्यकारी मजिस्टेट की कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के अनुसार जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रणधावा सिंह पर थाना शहर नारनौल में एक झूठा मुकदमा 122 दर्ज किया गया है। रणधावा सिंह पर आरोप लगाया गया है कि उसने वाहन चेकिंग के समय पुलिस को अधिवक्ता का रौब दिखाया है। जबकि अधिवक्ता रणधावा सिंह का कहना है कि एक कांस्टेबल स्तर का कर्मी ने उसकी मोटर साइकिल की चाबी निकालनी चाही, जिसका उसने विरोध किया तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बदतमीजी की। घटना 2 मार्च 2022 की है। इसी दिन ही पुलिस अधीक्षक ने एक महिला एएसआई को रणधावा सिंह को पकड़ने के लिए न्यायालय परिसर में ही भेज दिया था। जिस पर बार एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र स्वामी, बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एवं अधिवक्ता अनिल शर्मा व अखिलेश मामले की जानकारी के लिए थाने में गए थे। उस समय पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन भी थाने में ही थे।
उन्होंने बताया कि थाना अधिकारी युद्धवीर सिंह ने अधिवक्ताओं से कहा कि कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन अब पुलिस उक्त झूठे मुकदमे में चालान करने पर आमादा है। इससे अधिवक्ताओं में रोष पैदा हो गया।