फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठेकेदार की मनमर्जी से परेशान विभागीय अधिकारियों ने खड़े किए हाथ

विज्ञापन
पाइप लाइन दबाती जेसीबी मशीन। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
नांगल चौधरी। ग्रामीणों के कंठ तर करने के लिए गांवों में बिछाई जाने वाली नाबार्ड पेयजल सप्लाई ठेकेदार की मनमर्जी की भेंट चढ़ गई है। ठेकेदार की मनमर्जी से परेशान विभागीय अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई ने विभाग के एसडीओ से शिकायत कर ठेकेदार पर विभागीय नियमों की अनदेखी कर काम करने की शिकायत की है। इधर विभागीय एसडीओ के निर्देशों को भी ठेकेदार मानने को तैयार नहीं है। मामला जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन के संज्ञान में पहुंचने पर विभाग जांच करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन

सरकार की योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में नाबार्ड के तहत पेयजल सप्लाई लाइन बिछाई जा रही है। विभाग की माने तो इसमें करीब बीस गांवों का लाइन बिछाने का टेंडर ठेकेदार विकास बड़ेसरा के पास है। विभागीय जेई की देखरेख में ठेकेदार को काम करने के आदेश है। ग्रामीणों की माने तो ठेकेदार ने पाइप लाइन दबाने के लिए गांवों में बने नवनिर्मित टाइल रास्तों को बेतरतीब ढंग से खोद दिया है। रास्ते में उखाड़ी गई अधिकतर टाइलों को पाइप लाइन के साथ दबा दिया गया।
विभागीय जेई अनिल कुमार की मानें तो इन टाइलों को हटाकर एक ओर एकत्रित कर दोबारा रास्ते में लगाना था। डैमेज टाइलों की जगह दस प्रतिशत नई टाइल लगाने के आदेश है लेकिन ठेकेदार विभागीय जेई के निर्देश मानने को तैयार ही नहीं है। ठेकेदार ने सस्ते में काम निपटान के चक्कर में रास्तों की टाइलों को भी खाई में दबा दिया। अब डस्ट रोड़ी भरकर काम का पेटा भरने में जुटा है। इस रास्ते से अब वाहन निकलेंगे दबाव पड़ने से खाई बैठ जाएगा। इस कारण लोगों को भी परेशानी होगी। ग्रामीण ठेकेदार की मनमानी की कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत कर चुके हैं लेकिन ठेकेदार विभाग के अधिकारियों के दिशा निर्देशों की परवाह किए बिना अपनी मर्जी से काम कर सरकार को चपत लगा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से काम करवा रहा है। यदि विभाग द्वारा ठेकेदार के काम की जांच की जाए तो ठेकेदार ने करीब दस प्रतिशत टाइल जेसीबी से पाइप लाइन के साथ दबा दी ओर अब डस्ट-रोड़ी भरकर खानापूर्ति करने में जुटा है।
विज्ञापन

- ठेकेदार की मनमर्जी की एसडीओ को शिकायत
ठेकेदार के काम देख रहे अनिल कुमार जेई ने बताया कि ठेकेदार विभागीय नियम के अनुसार काम नहीं कर रहा है। वे ठेकेदार से काफी परेशान हो चुके है। रिपेयर के दौरान दस प्रतिशत नई टाइल लगाने का प्रावधान है, लेकिन ठेकेदार डस्ट व रोड़ी भरकर काम की खानापूर्ति करने में जुटा है। उन्होंने विभागीय एसडीओ को ठेकेदार की कार्यशैली बारे अवगत करवाते हुए ठेकेदार के काम पर निगरानी ड्यूटी में असमर्थता जाहिर की है।
- विभागीय निर्देशों की पालना नहीं कर रहा ठेकेदार
विकास ठेकेदार पाइप लाइन बिछाने के दौरान विभागीय नियमों की पालना नहीं कर रहा है। जेई के निर्देशों को न मानते हुए अपनी मर्जी से काम कर रहा है। जेई अनिल कुमार ने आखिर ठेकेदार से परेशान होकर शिकायत देकर ठेकेदार के काम नहीं देखने की असमर्थता जाहिर की है।
ठेकेदार द्वारा काम में विभागीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना कर मनमर्जी से काम करने का मामला संज्ञान में आया है। वे इस मामले को खुद देखेंगे। ठेकेदार के कार्यों की जांच की जाएगी। -नितिन मोदी एक्सईएन जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नारनौल।
पेयजल लाइन दबाने का कार्य विभागीय निर्देशानुसार ही किया जा रहा है। लाइन दबाने के साथ टाइल दब गई है। दस प्रतिशत नई टाइल लगाने का निर्देश है। यदि नहीं लगाई जा रही है तो वे लगवा देंगे। मगर अधिक टाइल कम पड़ने पर डस्ट रोड़ी से ही कंप्लीट किया जाएगा। -विकास बड़ेसरा, ठेकेदार।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें