उपायुक्त अजय कुमार को लाइब्रेरी के लिए उपकरण सौंपते जिला शिक्षा अधिकारी।
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नारनौल। जिला लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अजय कुमार को प्रिंटर, बार कोड रीडर व यूपीएस सौंपा। अब किसी के नाम किताब इश्यू करने में आसानी रहेगी।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कृतिश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के जेआरसी काउंसिलर ने मिलकर जिला लाइब्रेरी को एक प्रिंटर, एक बार कोड रीडर व एक यूपीएस उपायुक्त को सौंपा। जिला लाइब्रेरी को डिजिटल करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई थी। उसी के फलस्वरूप सबसे पहले शिक्षा जगत से जुड़े लोगों से शुरूआत हुई है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे लाइब्रेरी में आकर किताबें पढ़ें। जिला लाइब्रेरी में अब सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। लाइब्रेरी को डिजिटल बनाया जाएगा। डिजिटल बनाने का मकसद यही है कि छात्र-छात्राओं को किताबें ढूंढने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अब यहां पर रखी गई सभी किताबों पर बार कोड लगाया जाएगा। विद्यार्थियों को बुक इश्यू करते समय बार कोड से ही रिकार्ड में इंट्री हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब किताबों को बार कोड के हिसाब से रखा जाएगा। इसके बाद किताबें ढूंढने के लिए कंप्यूटर पर सर्च करके पता लग सकेगा कि कौन सी विषय की किताबें कहां रखी हैं। इसी प्रकार अलमारियों पर भी ऐसे स्टीकर लगें होंगे जो विषयवार किताबों की जानकारी देंगे। आज के युग में डिजिटलाइजेशन को शिक्षा के विकास के एक प्रमुख पहलू के रूप में देखा जाता है। दान किया गया यह सामान सार्वजनिक पुस्तकालय के डिजिटलीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मौके पर डीईईओ विजेंद्र श्योराण, बीईओ सुभाष चंद्र, डीपीई डॉ. हंसराज गुर्जर और अन्य जेआरसी काउंसलर मौजूद रहे।