गांव पाली में बने सूक्ष्म सिंचाई प्रोजेक्ट के बारे में कर्मचारियों से जानकारी लेते श्रीसुंडार?
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गांव पाली में सूक्ष्म सिंचाई के तहत 1 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से बने खेत तालाब का पिछले तीन वर्षों में एक किसान को भी लाभ नहीं मिला है, लेकिन ठेकेदार को इसके लिए डेढ़ करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। मीकाढ़ा के तहत बनाए गए प्रोजेक्ट में लाखों रुपये के गोलमाल का अंदेशा जताते हुए उच्चाधिकारियों से जांच की मांग उठाई गई है। सुंडाराम ट्रस्ट के अध्यक्ष संदीप मालड़ा ने बताया कि करीब तीन साल से तैयार इस प्रोजेक्ट से अभी तक एक किसान के एक एकड़ तक की सिंचाई भी नहीं की गई है जबकि ठेकेदार को डेढ़ करोड़ का भुगतान संदेह के घेरे में है।
जिस धौली माइनर से इस प्रोजेक्ट को पानी मिलना था वो लंबे समय से जर्जर है। महज चार माह पहले ही उसकी सफाई हुई है। सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत बने इस तालाब से लगभग 235 एकड़ भूमि की सिंचाई होनी थी, लेकिन पिछले तीन साल में एक भी किसान की एक एकड़ भूमि भी सिंचित नहीं हुई जबकि ठेकेदार को पूरा भुगतान किया जा चुका है। संदीप मालड़ा ने कहा कि ऐसे में ठेकेदार को लगभग 1.73 करोड़ का भुगतान किसी बड़े घोटाले की तरफ इशारा करता है। दो दिन पहले सिंचाई विभाग के सबसे बड़े अधिकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव भी इस प्रोजेक्ट का दौरा करके गए हैं और उन्होंने भी किसी भी तरह की विभागीय जांच के आदेश नहीं दिए। ये तो सरकारी राजस्व की सीधे तौर पर हानि है और इसकी उच्च स्तरीय विभागीय जांच होनी चाहिए।
जांच को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा जाएगा पत्र
संदीप मालड़ा ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। क्षेत्र के सबसे पहले सूक्ष्म सिंचाई प्रोजेक्टों में शामिल पाली प्रोजेक्ट का अगर ये हाल है तो फिर इस तरह के बाकी प्रोजेक्ट का अंदाजा स्वयं ही लगाया जा सकता है। वे इस तरह के सभी प्रोजेक्ट्स की जांच की मांग करते हैं।
मीकाढ़ा के तहत यह प्रोजेक्ट एक करोड़ 73 लाख की लागत से तैयार किया गया है। मैंने हाल ही में विभाग के एसडीओ का कार्यभार ग्रहण किया है। जैन इरिगेशन कंपनी द्वारा यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। सोमवार से इसके प्रत्येक बिंदु की जांच कर एक्सईएन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। संबंधित फर्म को करीब एक करोड़ 23 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि करीब 50 लाख रुपये का भुगतान और किया जाना है। ऐसेे में प्रोजेक्ट के प्रत्येक बिंदु पर जांच कर एक्सईएन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
विजेंद्र सिंह, एसडीओ मीकाढ़ा