नारनौल। स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं किए जाने पर जिले के 500 स्वास्थ्यकर्मी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सोमवार को एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के दौरान जिले के एनएचएम कर्मचारियों द्वारा नागरिक अस्पताल नारनौल में जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र की अध्यक्षता में धरना दिया। डॉ. पुष्पेंद्र ने कहा कि यदि सरकार ने तीन दिनों की हड़ताल के दौरान कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो हड़ताल अनिश्चितकालीन में तब्दील कर दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सक, एंबुलेंस चालक, काउंसलर, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, सूचना सहायक, एएनएम, स्टॉफ नर्स, औषधाकारक, फलीट मैनेजर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला जांच एवं मूल्यांकन अधिकारी, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर, एसटी.एल.एस., डीपीपीसी., डीपीपीएम, पंचकर्मा थेरेपिस्ट, पीएमडब्ल्यू, प्रयोगशाला तकनीशियन, औषद्याकारक, मैसेंजर, रेफ्रिजरेटर मैकेनिक, डाटा मैनेजर, जिला आशा कोरडीनेटर, ब्लॉक आशा कोरडीनेटर, डीएफएलसी, डीईआईसी मैनेजर, बायो मेडिकल इंजीनियर, आपातकालीन मेडिकल तकनीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर इत्यादि पदों पर कार्यरत 500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उमस भरी गर्मी में मरीजों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। जांच आदि में एक-एक घंटे में नंबर आ रहा था। वहीं श्यामलाल ने बताया कि उसका परिचित बीमार है तो उसकी खून की जांच करवानी थी जिससे काफी देर में नंबर आया है।
इससे इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ नारनौल के जिला मंत्री विनोद राव ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ आंदोलनरत है। 9 जून 2022 को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल भी की जा चुकी है। परंतु वित्त विभाग हरियाणा द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की बजाय कर्मचारी विरोधी फैसला लिया जा रहा है, जिसमें एनएचएम कर्मियों को मिल रहे सेवा नियमों के तहत ग्रेड पे को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके कारण संघ द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया गया है।
जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 2 नवंबर 2021 को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिये जाने की घोषणा की जाती है, दूसरी तरफ हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा एनएचएम कर्मियों के ग्रेड-पे समाप्त करने के लिये कमेटी का गठन किया जा चुका है। सरकार की इस दोहरी मानसिकता के कारण प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मचारियों में रोष है। सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द वित्त विभाग के काले फरमान को वापस लिया जाये। घोषित सातवें वेतन एवं वेतन विसंगति का पत्र जारी किया जाये ताकि आमजन को स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन का खामियाजा न भुगतना पडे़। उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा तीन दिनों की हड़ताल के दौरान कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है तो संघ की प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल की निरंतरता में हड़ताल को अनिश्चितकालीन घोषित किया जाएगा। हड़ताल के दौरान जारी धरने को संदीप यादव, दिलबाग सिंह, हरकेश, उमेश कश्यप, सरजीत सिवाच, मधुसुदन, संतोष वर्मा, सुशीला यादव, कमलेश, स्नेहलता, रेणु यादव, मनोज जांगड़ा, रविंद्र यादव, देवेंद्र यादव इत्यादि ने संबोधित किया। वित्त विभाग के कर्मचारी विरोधी इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की और सरकार से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
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बाक्स:
ये कार्य रहे प्रभावित
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में प्रसूति वॉर्ड, एसएनसीयू वॉर्ड, एनआरसी वॉर्ड, मेडिकल मोबाइल यूनिट, एंबुलेंस कंट्रोल रूम, प्रतिदिन ऑनलाइन एंट्री, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम इत्यादि कार्य बाधित रहे। सीएमओ कार्यालय का लगभग स्टाफ हड़ताल पर रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विकल्प के रूप में नियमित कर्मचारी लगाए हुए थे। इस वजह से काम ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।
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ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर डा0 अमित, डा0 सहदेव, डा0 मनिष यादव, डा0 चन्द्रपाल, हरकेश, नितेश बन्सल, धर्मेन्द्र वर्मा, कुलदीप यादव, सुनिल, सुनिता बाई, सुनिता मान, मुकेश खोश्या, हेमन्त यादव, गौरव कक्कड़, प्रेम प्रकाश सैनी, योगेश शर्मा, नीलम, ज्ञानवति, हेमन्त गर्ग, सुनिता, मनोज वर्मा,, रविन्द्र, मनोज जांगड़ा, भुपेन्द्र सैनी, रिंकी यादव, सुनिता यादव, ऋषीपाल गोठवाल, अशोक, सोनम, बिन्दू यादव, जितेन्द्र यादव, दिनेश सैनी, विजय यादव, टिका बहादूर थापा, अनिल कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
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ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
1. मुख्यमंत्री द्वारा 2 नवंबर 2021 को की गई घोषणा के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। जल्द से जल्द सातवें पे कमीशन का पत्र जारी किया जाए।
2. जल्द से जल्द वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
3. सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
4. एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सेवा नियमों का लाभ दिया जाए।
5. कैसलेस सुविधा एवं सेवा सुरक्षा दी जाए।
6. वर्ष 2017 तथा 2019 का हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन देय अवकाश मानकर वेतन जल्द जारी किया जाए।
7. तमिलनाडु व मणिपुर राज्य की तर्ज पर हरियाणा में रेगुलर पालिसी बनाई लाए।
8. आकस्मिक मृत्यु होने पर 20 लाख की सहायता राशि तथा आश्रित को नौकरी प्रदान की जाए।
9. संकटकॉल में प्रदेश की जनता की सेवा करने वाले कोराना योद्धाओं के प्रति सहानुभूति रखते हुए जल्द नौकरी बहाल की जाये।
10. एनएचएम में जिन कर्मचारियों को आउटसोर्स पर लगाया गया है, उनको एनएचएम में शामिल किया जाए।
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वर्जन:
अस्पताल का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए विकल्प के तौर पर नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी।
हड़ताल के पहले दिन किसी प्रकार का कार्य ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।- डॉ. अशोक कुुमार, सीएमओ, महेंद्रगढ़।