प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ के सुगम मार्ग के लिए नारनौल से कुरुक्षेत्र तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे 152 डी का निर्माण कार्य भले ही अंतिम चरण में है। इस हाईवे के निर्माण कार्य की पोल हाल ही में हुई बारिश ने खोलकर रख दी। बरसाती पानी के कारण हाईवे के दोनों ओर तैयार किए मिट्टी के स्लॉप का जगह-जगह से कटाव हो गया। जिससे बनाई गई सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई। मिट्टी कटाव को दोबारा से सही करने के लिए ठेकेदार बरसात के समय ही मशीनों के माध्यम से लीपापोती कराने में जुट गए।
सूत्रों की माने तो नेशनल हाईवे का अधिकतर कार्य पूरा हो गया है। कुछ स्थानों पर पुल एवं क्रासिंग, टोल बूथ काउंटर व प्लेटफार्म का निर्माण व साइन बोर्ड का कार्य किया जा रहा है। नारनौल दक्षिण पश्चिम से लेकर कुरुक्षेत्र उत्तर पूर्व के गंगहेड़ी तक 230 किलोमीटर बनने वाले यह नेशनल हाईवे नारनौल बाईपास पर एनएच 148 बी से लिंक करेगा जिसके तैयार होने के बाद जयपुर, नारनौल व चंडीगढ़ का सफर सुगम व आसान होगा। इस हाईवे के निर्माण के लिए 5108 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। जिसकी चौड़ाई 70 मीटर निर्धारित की गई है। हाईवे में 122 ब्रिज व अंडरपास ब्रिज बनाए गए हैं। हाईवे का कार्य अधिकतर तैयार हो चुका है जहां बरसात से मिट्टी कटाव हो गया। ये हाईवे किसी भी शहर या गांव के मध्य से नहीं निकाला गया है। सभी शहर एवं गांव बाईपास रखे गए हैं। कार्य पूरा होने के बाद 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की स्पीड से वाहन दौड़ सकेंगे लेकिन इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी को निर्माण कर रही कंपनी के कार्यों की बारीकी से जांच करनी होगी। लापरवाही हादसों को जन्म दे सकती है।