कनीना। उपमंडल के गांव रामबास में सरपंच व उसके पति पर बिना अनुमति के हरे पेड़ों की कटाई की शिकायत पर शुक्रवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) टीम जांच करने पहुंची। शिकायतकर्ता की ओर से गत अगस्त के दौरान शिकायत की गई थी। शिकायत के चार माह बाद शुक्रवार को एनजीटी की टीम जांच करने पहुंची।
शुक्रवार को एनजीटी के वैज्ञानिक दानिश मीणा शुक्रवार उपमंडल अधिकारी अमित कुमार, जिला वन अधिकारी राजकुमार, एसईपीओ कृष्णपाल, ग्राम सचिव अनिल की टीम के साथ पहुंचे। शिकायतकर्ता वेद प्रकाश व विजय कुमार ने दी शिकायत में बताया था कि सरपंच व उसके पति ने ग्राम पंचायत की भूमि पर पेड़ों की अवैध रूप से कटाई कराई है। इसे लेकर एनजीटी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) की टीम ने गांव की भूमि का निरीक्षण किया।
हालांकि, ग्राम सरपंच की ओर से इसके लिए विभाग से लिखित अनुमति का हवाला दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि इन पेड़ों से कभी भी हादसे हो सकते थे। आम रास्तों पर बड़े पेड़ों को वन विभाग से अनुमति लेकर काटा गया था।
- वर्जन:
गांव की सरपंच सरोज देवी व सरपंच पति कुलदीप ने मिलकर गांव के आम रास्तों एवं पंचायत भूमि पर हरे पेड़ों की अवैध रूप से कटाई कराई है। इसकी शिकायत संबंधित विभाग को दी गई थी, जिसको लेकर शुक्रवार को एनजीटी की टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है।
-वेदप्रकाश, शिकायतकर्ता
ग्राम पंचायत ने ऐलांथस के पेड़ जो सरकारी स्कूल में आम रास्तों में थे उनको काटने के लिए वन विभाग से अनुमति ली थी। यह पेड़ आंधी तूफान में अपने आप टूट कर गिर जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए ग्राम पंचायत ने इन पेड़ों को हटाकर और पांच गुना दूसरे पौधे लगाने का फैसला लिया था, जिसकी अनुमति विभाग ने लिखित रूप से दी थी।
-कुलदीप यादव, सरपंच सरोज के प्रतिनिधि
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शिकायत के तहत एनजीटी की टीम ने उपमंडल के गांव रामबास में शुक्रवार को निरीक्षण किया। टीम की ओर से शिकायत के आधार पर निरीक्षण किया गया है। टीम द्वारा इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जांच के उपरांत की जो सामने आएगा उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अमित कुमार, उपमंडल अधिकारी कनीना।