प्रदूषण की वजह से छाया स्मॉग। संवाद
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बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सांसें फुला रखी हैं। मंगलवार को नारनौल का एक्यूआई 339 दर्ज किया गया जबकि नगर का न्यूनतम तापमान भी 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एनसीआर से सटे हरियाणा के कई इलाकों का एक्यूआई 400 के पार तक चला गया है। महेंद्रगढ़ में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 339, महेंद्रगढ़ का 332 अटेली का 334, कनीना का 338 रहा। जबकि पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा जींद 432, मानेसर का 415 दर्ज किया गया जो गंभीर खतरनाक स्तर में है। जबकि सरकार के आदेशों के अनुसार किसी भी प्रकार का कूड़ा करकट न जलाने, पराली न जलाने, आतिशबाजी और पटाखे जलाने, ईट भट्टा व क्रेशर, खनन पर पूर्ण रूप से पाबंदी, वनों की कटाई पर रोक, 10-15 साल पुराने परिवहन के साधनों पर पाबंदी, यातायात के साधनों पर नियंत्रण, टूटी सड़कों का निर्माण, नए निर्माण कार्यों पर पाबंदी, टूटी सड़कों और निर्माण वाली सड़कों पर पानी का ज्यादा से ज्यादा छिड़काव के आदेश है। आदेशों के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। वायु प्रदूषण की समस्या के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार भारी बर्फबारी की वजह से मैदानी क्षेत्रों पर ठंड अपना कोहराम मचा रही है। मैदानी इलाकों का तापमान लगातार गिरता जा रहा है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ और नारनौल का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि सबसे कम तापमान हिसार का 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान के कम होने से कोहरा में लगातार वृद्धि हो रही है। जो आमजन के लिए वायु प्रदूषण से भी कई गुणा खतरनाक हो जाता है।