लोहड़ी पर्व का आगाज कड़ाके की ठंड के साथ हुआ। एक बार फिर से क्षेत्र में कोहरे का असर दिखाई दिया। जिसके चलते वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह कोहरा छाए रहने से 10-20 मीटर तक की दृश्यता दर्ज हुई है। वीरवार को राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हवाओं की गति में कमी की वजह से धुंध और कोहरे का असर दिखाई दिया। उत्तरी राज्यों में सुबह न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को महेंद्रगढ़ 4.8 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं तीसरे नंबर पर नारनौल क्षेत्र सबसे ठंडा रहा। नारनौल के न्यूनतम तापमान में 3.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को न्यूनतम तापमान में 8.4 डिग्री सेल्सियस तापमान था। वहीं वीरवार को यह 3.1 डिग्री से गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान में 16 से बढ़कर 17 डिग्री पर पहुंच गया।
वीरवार को लोहड़ी पर्व पर महेंद्रगढ़ जिले पर सुबह कोहरे और धुंध के कारण सूर्य देव के दर्शन 8-9 बजे के आसपास होने से ठंड से राहत मिलने लगीं परंतु दोपहर बाद फिर से मौसम में बदलाव आया और बादलों और सूर्य के बीच लुकाछिपी शुरू होने लगी और हवाओं में हल्की तेजी आने से फिर से ठंड का अहसास किया गया। हरियाणा प्रांत में और विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ में आने वाले तीन-चार दिनों तक लगातार अभी और तापमान में गिरावट जारी रहेगी। जिले में कोहरे और ठंड की और शीत लहर चलने की वजह से भारतीय मौसम विभाग ने 14-16 जनवरी तक पूरे इलाके पर येलो और औरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। कंपकंपाती ठंड का असर का दौर सप्ताहांत तक जारी रहने की संभावनाएं हैं। जिला महेंद्रगढ़ में शुक्रवार को मकर संक्रांति पर्व के यानी 14 जनवरी से फिर तीन-चार दिनों तक बादल छाए रहेंगे। ठंडी हवाओं के साथ दिन के तापमान में गिरावट आएगी और ठिठुरन में इजाफा होगा। अगले कुछ दिन मौसम गतिशील और परिवर्तनशील बना रहने वाला है परंतु जिला महेंद्रगढ़ नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी, सतनाली, महेंद्रगढ़, कनीना में अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है केवल यहां ठंड में इजाफा होगा। बारिश की गतिविधियों के कारण अभी तक पूरे महेंद्रगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ था परंतु कोहरे के कारण प्रदूषक तत्व भी फिर से बढ़ने लगे हैं। बादल, प्रदूषण और नमी मिलकर ही कोहरे का कारण बनते हैं इसलिए अभी कई दिन तक मध्यम से घने स्तर का कोहरा देखने को मिल सकता है।