महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में पिछले तीन माह से तहसीलदार व नायब तहसीलदार नहीं होने से नाराज सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने वीरवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। लोगों ने तहसीलदार व नायब तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति की मांग करते हुए सात दिन का समय दिया। इसके बाद भी स्थायी नियुक्ति नहीं होने पर तहसील कार्यालय के सामने नियमित धरना शुरू करने एवं स्टेट हाईवे को जाम करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह से तहसीलदार व नायब तहसीलदार की कुर्सी खाली पड़ी है। लोग अपने कार्यों के लिए दिनभर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाकर शाम को निराश होकर लोटने को मजबूर हैं। बार-बार मांग के बावजूद भी सरकार लोगों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
लोगों का कहना है कि पिछले तीन माह से तहसीलदार व नायब तहसीलदार की कुर्सी खाली रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में उपायुक्त डॉ. जेके आभीर से भी तीन बार मिलकर समस्या से अवगत करवा चुुके है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जल्द से जल्द तहसीलदार या नायब तहसीलदार को नहीं बैठाया गया तो तहसील कार्यालय के समक्ष नियमित धरना-प्रदर्शन एवं स्टेट हाईवे को जाम करेंगे।महेंद्रगढ़ को छोड़कर ऐसा कोई भी जिला नहीं जहां पर लोगों को इस प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो।
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- लोग दिनभर उठा रहे हैं परेशानी:
पिछले तीन माह से तहसीलदार की कुर्सी खाली पड़ी है। अधिकारी नहीं होने के कारण लंबे समय से रजिस्ट्री, रिहायशी प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रकार के दस्तावेजों के सत्यापन कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। सरकार व प्रशासन से मांग की जल्द से जल्द तहसीलदार व नायब तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति कर जिससे लोगों को परेशानी न हो।
--- रामनिवास पाटोदा
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- दस्तावेज बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे विद्यार्थी
तहसील कार्यालय में तहसीलदार न होने के कारण प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक विद्यार्थी रिहायशी प्रमाण पत्र सहित अनेक प्रकार के दस्तावेज तैयार कराने के लिए परेशान हैं। अनेक विद्यार्थियों को दस्तावेजों के अभाव में कालेजों में दाखिले नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की भर्तियों के लिए फार्म भी युवा नहीं भर पा रहे हैं।
--- धर्मपाल नंबरदार, पायगा
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- स्थायी नियुक्ति नहीं होने से लोग उठा रहे परेशानी
तहसील कार्यालय में अधिकारियों की स्थायी नियुक्ति नहीं है। आठ माह पूर्व स्थायी तहसीलदार के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां पर अभी तक तैनाती नहीं हुई है। कनीना तहसीलदार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हुआ है। वो भी कभी कभार आती है तथा इस समय वह भी अवकाश पर है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
--- परमानंद
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- तीन माह से इंतकाल के लिए लगा रहा चक्कर
जमीन की रजिस्ट्री का इंतकाल कराने के लिए पिछले तीन माह से चक्कर लगा रहा है। दिनभर इंतजार के बाद शाम को मायूस होकर लोटने को मजबूर है। पिछले तीन माह से कार्यालय में बैठे कर्मचारी भी तहसीलदार नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इंतकाल न होने से उसका केसीसी भी नहीं बन पा रहा है।
--- जुगवीर, सुरेहती पिलानिया