मंडी अटेली में किसानों से मिलते यागेंद्र यादव।
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नारनौल/मंडी अटेली। जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव ने सोमवार को अटेेली व नारनौल की अनाज मंडियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाजरा बिक्री व डीएपी खाद के लिए मंडी में आए किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा लाई गई नई भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को प्रति क्विंटल 200 व 300 रुपये का नुकसान हो रहा है।
योगेंद्र यादव ने 5 अक्तूबर को के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस होने वाले नुकसान के बारे में आगाह किया था और सरकार से मांग की थी कि भावांतर मूल्य को 600 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाए ताकि किसान को होने वाले नुकसान से किसान को बचाया जा सके।
सरसों की बिजाई के समय किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग व युवा सभी परेशान है। घर का काम छोड़ कर, खेती का काम छोड़ कर किसान रात में आकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। उसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पाता है।
सरकार को अंदाजा था कि कितने डीएपी की जरूरत पड़ेगी। कितना हमारे पास स्टॉक में है। उसके बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया। समय पर इम्पोर्ट का ऑर्डर नहीं दिया। आंदोलन के प्रदेश प्रवक्ता संदीप यादव ने बताया कि जय किसान आंदोलन के नेताओं ने सोमवार को रेवाड़ी, कनीना, अटेली, नारनौल मंडी का दौरा किया। मंगलवार को भिवानी की मंडियों का दौरा करेंगे। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष युधवीर सिंह अहलवात, राष्ट्रीय अध्यक्ष अविक शाह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लंबा सहित जिले के पदाधिकारी मौजूद रहे।