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दो सप्ताह से नहीं आ रही खाद, किसान परेशान

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दो सप्ताह का समय बीत जाने के बावजूद भी अधिकांश सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं आने से किसान परेशान है। शनिवार को अधिकांश केंद्रों पर किसान खाद के लिए पूछताछ करते रहे। पिछले दो सप्ताह से सरकारी गोदाम में खाद के बैग नहीं आ रहे है। वहीं निजी दुकानों पर 300 से 500 बैग आते हैं जो किसानों को वितरित कर दिए जाते हैं। इतना खाद किसानों के लिए पर्याप्त नहीं होने के कारण अब गेहूं की बिजाई भी प्रभावित हो रही हैं। सतनाली और कनीना में 1 से 3 नवंबर तक निजी दुकानों पर खाद के महज 200 से 500 बैग ही पहुंचे थे जो शीघ्र ही वितरण कर दिए गए। किसानों को लग रहा था कि अब उन्हें राहत मिलेगी। लेकिन दो सप्ताह के बाद भी अधिकांश केंद्रों पर खाद नहीं मिलने से किसान भी दिनभर खाद लेने के लिए एक केंद्र से दूसरे केंद्र के चक्कर लगाते रहे। इस समय सरसों और गेहूं की बिजाई का कार्य चल रहा हैं। खाद नहीं मिलने पर खेतों में खाद की मात्रा कम पड़ रहीं हैं।
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पिछले दो हफ्तों से किसानों को खाद के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। जिम्मेदारों द्वारा किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए हररोज आश्वासन दिए जा रहे हैं। एक नवंबर से गेहूं बिजाई का सीजन आरंभ हो चुकी हैं। किसानों को तय समय पर अब गेहूं बिजाई की चिंता भी सताने लगी हैं। ऐसे में किसान समय रहते खाद का जुगाड़ करने में जुट गए हैं। सरसों बिजाई का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है लेकिन अब किसानों को गेहूं बिजाई के लिए चिंता सता रही है। किसान भी गेहूं बिजाई के लिए पहले से ही तैयारियों में जुट गए हैं। पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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