पहले सरसों की बिजाई और अब गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। एक महीने से चल रही खाद की मारामारी अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। डीएपी खाद की डिमांड इस कदर है कि नारनौल में एक दिन 500 व दूसरे दिन 400 डीएपी के बैग किसानों को वितरित किए जा चुके है। मगर सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाया है। ऐसे में किसान प्रतिदिन बिक्री स्थलों पर पहुंच रहे है।
शुक्रवार को भी सैकड़ों की संख्या में किसान डीएपी खाद के लिए पुलिस लाइन में पहुंचे थे, लेकिन आज किसानों को न तो टोकन किए गए और न खाद। वहीं उक्त स्थानों पर कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं मिला। जिससे की किसान खाद के बारे में जानकारी ले सके। इस कारण किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ा।
बता दें कि डीएपी खाद की मारामारी अक्तूबर माह से चल रही है। इस मारामारी के बीच किसानों ने जैसे तैसे करके सरसों की बिजाई तो कर ली है लेकिन अब गेहूं की बिजाई से पूर्व किसान अपने खेतों में डीएपी खाद का छिड़काव करना चाह रहे है ताकि पैदावार अच्छी हो सके। मगर अब भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। हालात यह है कि खाद आने के उसी दिन खत्म हो जाती है। अनेक किसानों का तो खाद के लिए नंबर ही नहीं आता है। इसलिए अनेक किसान तो इसी उम्मीद से बिक्री स्थल पर सुबह जल्दी आकर लाइन में लग जाते है कि अगर खाद आए तो उसका नंबर पहले आ आए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नारनौल में 900, अटेली में 1000, भोजावास में 700 व कांवी में 500, पटीकरा में 500 व नसीबपुर पैक्स में 500 डीएपी के बैग आए थे।
अक्तूबर माह में डीएपी खाद की मारामारी का सिलसिला शुरू हुुुआ था जोकि नवंबर माह भी जारी है। मगर अभी तक जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस कारण किसान डीएपी की मांग को अटेली, नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी आदि स्थानों पर अनेक बार जमा लगा चुके है। इस प्रकार अक्तूबर माह डीएपी खाद की मारामारी में बीत गया है।
डीएपी खाद की कमी अभी पूरी भी नहीं हुई है कि अब यूरिया भी किसानों को नसीब नहीं हो रहा है। नारनौल मार्केट सोसायटी सहित अधिकृत खाद बिक्री व्यापारियों के यहां भी यूरिया नहीं मिल रहा है। किसान सरसों की बिजाई के बाद फसल में सिंचाई के बाद यूरिया का छिड़काव करते है। ऐसे में किसान अभी यूरिया खरीद करने लगे है। मगर किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है। इससे किसानों की परेशानी कम होने की बजाय बढ़ने लगी है।
यूरिया के 500 बैग आज शाम तक आने की संभावना है। शनिवार को यूरिया किसानों में वितरित कर दिया जाएगा। डीएपी आने का अभी कुछ पता नहीं है।-रोशन यादव, प्रबंधक, को-ऑपरेटिव सोसायटी, नारनौल।