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बूस्टर डोज लगवाने के लिए बुजुर्गों को देनी होगी चिकित्सक की दवाइयों की स्लिप

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डॉ. नरेंद्र कुमार, टीकाकरण प्रभारी, नागरिक अस्पताल नारनौल। - फोटो : Narnol
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अब 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए रोग प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। बुजुर्ग चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाइयों की पर्ची दिखाकर बूस्टर डोज लगवा सकेंगे। जिले में लगभग 99621 बुजुर्गों ने दोनों डोज लगवा ली है। केंद्र सरकार के आदेशानुसार 60 वर्ष से ऊपर, स्वास्थ्यकर्मी तथा फ्रंटलाइन वर्कर्स को 10 जनवरी से तीसरी डोज लगनी शुरू हो जाएगी। लेकिन उन्हीं बुजुर्गों को तीसरी डोज लगेगी जिनको बीपी, शुगर, लिवर, हार्ट जैसी बीमारियां होंगी या फिर किसी अन्य बीमारियों की उनकी दवाइयां चल रही हैं। इसके लिए उनको कहीं पंजीकरण नहीं करवाना होगा, केवल आधार कार्ड और दवाई की स्लिप लेकर नजदीकी पीएचसी सेंटर पर टीका लगवाने जाना होगा।
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65 से 70 हजार किशोरों को लगेगा टीका
केंद्र मंत्रालय की ओर से 1 जनवरी से पोर्टल अपडेट कर दिया जाएगा। इसी दिन से 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के किशोर कोविन एप पर अपना पंजीकरण कर सकेंगे। इसके अलावा केंद्र पर जाकर भी पंजीकरण करवा सकते हैं। 3 जनवरी से जिले के सभी 137 पीएचसी एवं सीएचसी पर किशोरों को डोज लगनी शुरू हो जाएगी। किशोरों को केवल कोवाक्सीन की ही डोज लगाई जाएगी। पंजीकरण के दौरान बच्चें अपने स्कूल आईडी भी लगा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूर्ण रूप से तैयारी कर ली गई है। जिले में 65 से 70 किशोरों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
दूसरी और बूस्टर डोज में 9 महीने का अंतर जरूरी:
डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि अगर आप 60 साल के हैं और दोनों डोज ले चुके हैं तो दूसरी डोज और जिस दिन आप रजिस्टर कर रहे हैं, उसके बीच का 9 महीने (39) सप्ताह का अंतर होना चाहिए। यही नियम फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी लागू है। इन लोगों को 10 जनवरी से तीसरी डोज लगना शुरू हो जाएगी। जिले में 5630 स्वास्थ्यकर्मी तथा 3653 फ्रंट लाइन वर्कर्स दूसरी डोज लगवा चुके हैं। यह आंकड़ा 100 प्रतिशत है। तीसरी डोज के लिए इन लोगों को पंजीकरण करवानी की जरूरत नहीं होगी बल्कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जिस दिन डोज लगेगी उससे पहले मैसेज आ जाएगा।
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टीकाकरण पंजीकरण की प्रक्रिया
1. सबसे पहले कोविन एप पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर डालें। ओटीपीए आए इसको डालकर लॉग इन करें।
2. अब आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन पासबुक, एनपीआर स्मार्ट कार्ड, वोटर आईडी में से कोई एक फोटो आईडी प्रूफ को चुनें।
3 आपके द्वारा चुनी गई आईडी का नंबर, नाम डालें। इसके लिए जेंडर और डेट ऑफ बर्थ को चुनें।
4 मेंबर एड होने के बाद आप अपने निकटतम क्षेत्र का पिन कोड डालें। टीकाकरण केंद्र की सूची आ जाएगी।
5 अब टीकाकरण की तारीख, समय और वैक्सीनेशन को सेलेक्ट करें। केंद्र पर जाकर टीकाकरण कराएं।
6 टीकाकरण केंद्र पर आपको रिफ्रेंस आईडी और सीक्रेट कोड की जानकारी देनी होगी। जो आपको पंजीकरण करने पर मिलती है।
7 इसी तरक आप अपने लॉग इन से दूसरे सदस्य को जोड़कर उनका टीकाकरण के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
वर्जन:
बुजुर्गों को रोग प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं है। चिकित्सकों की प्रीसक्रिप्शन पर ही उनको प्रीकॉशन डोज लगा दी जाएगी। 99621 बुजुर्गों (60 वर्ष से ऊपर) को दूसरी डोज लगाई गई थी। प्रीकॉशन डोज लगवाने के लिए 9 महीने का अंतर जरूरी है। -डॉ. नरेंद्र कुमार, इम्यूनाइजेशन ऑफिसर
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