अटल जननी वाहिनी सेवा योजना के तहत जिला महेंद्रगढ़ को 11 पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस(पीटीए) मिली है। प्रदेश सरकार ने योजना के तहत प्रदेश के सभी जिले में 188 एंबुलेंस भेजी है जिसके तहत जिले में भी 11 एंबुलेंस आई हैं। ये परिवहन विभाग की कागजी कार्रवाई होने के बाद सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी। नई एंबुलेंस आने से जिले में एंबुलेंस का बेड़ा 19 से बढ़कर 30 हो गया है। हालांकि नई एंबुलेंस सरकार की योजना अनुसार केवल गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल लाने व अस्पताल से घर तक छोड़कर आने का कार्य ही करेगी। भले ही सरकार ने नई एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए भेजी है। अब इनके आ जाने से फायदा अन्य मरीजों को ही मिलेगा, क्योंकि जो एंबुलेंस पहले अन्य गंभीर मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं को भी अस्पताल लाने व ले जाने का कार्य करती थी वे अब अन्य गंभीर मरीजों के लिए उपयोग हो सकेगी। इससे मरीजों को फायदा मिलेगा ही अस्पताल प्रशासन का बोझ भी कम हो जाएगा। इससे अस्पताल प्रशासन को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है।
जिले में पहुंची 11 पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस को प्रत्येक पीएचसी पर तैनात किया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को लाभ मिलेगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती पीड़ा होने पर सबसे पहले गांव स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही पहुंचती है। वहां तैनात स्टाफ गर्भवती को संसाधनों के अभाव नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर देते है। ऐसे में उन परिजनों के समक्ष जिनके पास अपना कोई साधन नहीं होता समस्या बन जाती है। वहीं गर्भवती का भी समय पर इलाज शुरू नहीं होने से जच्चा-बच्चा को खतरा उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में अगर पीएचसी स्तर पर एंबुलेंस तैनात होगी तो ऐसे लोगों का लाभ मिलेगा, क्योंकि एंबुलेंस द्वारा गर्भवती को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज शुरू करवाया जा सकता है।
जिले में वर्तमान में 19 के करीब एंबुलेंस चल रही है जोकि 2 नांगल चौधरी अस्पताल, 2 अटेली अस्पताल, 1 कनीना अस्पताल, 3 महेंद्रगढ़ अस्पताल, 1 सतनाली सीएचसी, 1 सीहमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 1 नांगल सिरोही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात की गई है। जबकि 8 एंबुलेंस नागरिक अस्पताल नारनौल पर लगाई गई है। इनमें 17 बीएलएस, 1 एएलएस व 1 बच्चों की एंबुलेंस है। इन एंबुलेंसों में गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन स्पोर्ट की सुविधा के अलावा लाइफ सेविंग उपकरण लगे है।
विभागीय अधिकारियों की माने तो अभी नई एंबुलेंस को चलाने के लिए परिवहन विभाग की कागजी कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद इन एंबुलेंस को चलाने के लिए चालकों की भर्ती की जाएगी। 11 एंबुलेंस के लिए 33 चालक लगाए जाएंगे। इनके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले को 11 पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस मिली है। इन्हें पीएचसी स्तर पर तैनात किया जाएगा। आरटीए विभाग से एंबुलेंस की कागजी कार्रवाई होनी है। इसके अलावा एंबुलेंस के लिए चालकों की भी भर्ती की जानी है। उक्त प्रक्रिया के बाद एंबुलेंस चलेगी। -डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन नारनौल।