गुजरात में ग्रीन सिटी बनाने के नाम पर राजस्थान के सीकर जिले के 15 लोगों ने महेंद्रगढ़ क्षेत्र के करीब 150 लोगों के साथ आठ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। गांव दौंगड़ा जाट निवासी पूर्व सैनिक की शिकायत पर कनीना सदर थाना पुलिस ने 15 नामजदों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित अजीत सिंह ने आरोपियों से राशि वापस दिलवाने की मांग की है।
अजीत सिंह ने बताया कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ करीब 8 करोड़ रुपये की राशि की ठगी की गई है। कंपनी द्वारा अधिकांश सैनिकों, पूर्व सैनिकों, पुलिस कर्मचारियों, केंद्र व राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मियों को शामिल किया है जिनसे भारी राशि अच्छी रिटर्न करने के नाम पर बैंकों में जमा करवा ली किंतु अब रिटर्न बंद होने पर कंपनी के मुख्यालय पहुंचने पर कंपनी को फर्जी पाया गया।
उनकी राशि धोखाधड़ी करके हड़प ली गई। करीब एक दर्जन लोगों ने बनने वाली एक कंपनी गुजरात के अहमदाबाद से 80 किलोमीटर दूर भावनगर के धोलेरा के स्वयं को अधिकारी का हवाला देते हुए बताया कि गुजरात में धोलेरा स्मार्ट सिटी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बनने जा रहा है। इसमें निवेश का लालच देकर राशि ऐंठ ली।
शिकायत के आधार पर कनीना सदर थाने में रणबीर सिंह बिजनोरिया पनलावा राजस्थान अपने आपको एमडी बताता था, सुभाष बिजनोरिया पनलावा जो सेना से सेवानिवृत्त है कंपनी का सीएमडी बताता था। इसी प्रकार सुधीश मील डुडवा जो आईटी एक्सपर्ट है कंपनी का एप संचालित करता था।
बनवारी मेहरिया कुंदन गांव से सुभाष का सहयोगी था। दिलीप बिजनौरिया पनलावा जो बीकानेर में कंपनी का कार्यालय खोलकर लोगों को कंपनी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था और सेना से सेवानिवृत्त है। उमेंद्र बिजनौरिया पनलावा जो टैक्सी चालक है और जिसने पिपराली, सीकर में कंपनी का कार्यालय खोल रखा था।
बीरबल तेतरवाल जो लोगों को कंपनी में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करता था। दातार सिंह श्याम वाटिका झोटवाड़ा, जयपुर में कार्यालय खोलकर लोगों से पैसे लगाने और उनकी समस्या होने पर जवाबदेही का झांसा देता था। शीशराम बिजनौरिया, गिरिजा देवी, सुमित्रा, सुमन पनलावा, सलीम खान एवं समीर खान सहित अमरचंद सीकर आदि उपरोक्त लोगों ने नक्शा एवरग्रीन प्राइवेट लिमिटेड धोलेरा नाम से कंपनी खोल रखी थी।
ये लोग देशभर में जाकर सेमिनार करते थे और लोगों को लालच देकर कंपनी से जोड़ते थे कि हमारी कंपनी पीएम मोदी के ड्रीम सिटी धोलेरा भावनगर गुजरात में स्मार्ट सिटी बन रही है। अपनी धनराशि निवेश करने की लालच देते थे।
प्रोजेक्ट का बताते थे सरकारी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ये लोग इस प्रोजेक्ट को सरकारी बताते थे जिसमें 50 हजार रुपये लगाकर हर मंगलवार को 1353 रुपये प्राप्त कर सकते थे जो कि 60 सप्ताह में आपको 81353 प्राप्त होने की बात कहते थे। अन्य सदस्यों को जोड़ने पर अधिक लाभ का झांसा देते थे। इसके अलावा भारी मुनाफे और प्लाॅट का भी प्रलोभन देते थे। इस प्रकार महेंद्रगढ़ से करीब 150 लोगों ने राशि लगाई। कुछ बैंकों की शाखाओं में पैसा जमा करवाते थे।
जब उन बैंकों की जमा राशि का रिटर्न 24 जनवरी 2023 को आना बंद हो गया तब पीड़ित मिलकर धोलेरा प्रोजेक्ट गए तो पता लगा कंपनी गबन कर भाग गई है। उन्होंने अब बैंक खातों की जांच किए जाने, उन्हें बंद किए जाने और आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने, भारी धनराशि गबन करने का आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज कर, जांच करवाने और उनकी राशि दिलवाने की मांग की है।
शिकायत के आधार पर 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी तक खुलासा हुआ है कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र के करीब 114 लोगों से ठगी हुई है। इस मामले में पुलिस द्वारा गंभीरता से जांच की जा रही है। इस मामले में पीड़ितों से पूछताछ के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-एएसआई बाबूलाल, जांच अधिकारी, सदर थाना, कनीना।