सेना की सातवीं राजरिफ बटालियन के जवान कस्बे के नरेश कुमार का मंगलवार को कस्बे में गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर बटालियन के सीनियर जेसीओ सूबेदार राजकुमार ने सेना और नायब तहसीलदार नरेश कुमार ने प्रशासन की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। बता दें कि एक जनवरी को सेना का जवान अवकाश पर घर आया था। दस दिन पूर्व गांव डिगरोता से सतनाली जाते समय सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद सैनिक को उपचार के लिए दिल्ली आर्मी अस्पताल में उपचाराधीन था जहां रविवार को उपचार के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया था।
नरेश कुमार के पार्थिव शरीर के साथ आए बटालियन के सूबेदार राजकुमार ने बताया कि नरेश कुमार दिल्ली के आर्मी अस्पताल में उपचाराधीन थे जहां उपचार के दौरान वे जिंदगी की जंग हार गए। मंगलवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो उनके परिवार व कस्बे का माहौल गमगीन हो गया। हिसार से पहुंची सलामी गार्द ने मातमी धुन बजाकर जवान नरेश कुमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। जवान को सेना की ओर से सीनियर जेसीओ सूबेदार राजकुमार ने जबकि प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार नरेश कुमार ने पुष्पचक्र अर्पित की अंतिम विदाई दी।
परिजनों के अनुसार नरेश कुमार कुमार का 1998 में सेना में भर्ती हुए थे। सेना में सेवाकाल के दौरान वे देश के विभिन्न हिस्सों मे तैनात रहे और वर्तमान में पंजाब के गुरदासपुर में तैनात थे। वे अपने पीछे पिता किशन सिंह, माता कमलेश देवी, पत्नी सरोज देवी, पुत्री संजू व लड़का विक्रम सिंह सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पुत्री व पुत्र अविवाहित हैं।
इस मौके पर एक्स सर्विसमैन वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन धर्मपाल चौधरी, अध्यक्ष मेजर ईश्वर सिंह, जिला सैनिक बोर्ड से डब्ल्यूओ कृष्ण कुमार, शहीद सेवा दल के अध्यक्ष सावन सिंह रोहिल्ला, पूर्व हवलदार बजरंग सिंह, सुरेश सिंह, दीवान सिंह शेखावत, राकेश तंवर, सतेंद्र सिंह, सवाई राठौड़, नारायण साहब, जसवंत सिंह, सुबे. रामबीर सिंह, नायब सूबेदार बिजेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, तेजपाल सिंह, अधिवक्ता बलबीर सिंह, उदय सिंह, दादा भानसिंह, चेतन सिंह, मुरारी शेखावत, महेंद्र सिंह समेत अनेक सामाजिक संगठन व गणमान्य लोगों ने उन्हें नमन किया।