पुलिस ने सोमवार को गांव जैनपुर पहाड़ी में अवैध खनन करने वाले मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से मुख्य आरोपी जयराम को एक दिन के रिमांड पर लिया है। दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब पुलिस मृतक के पिता सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बता दें कि 19 जनवरी को जैनपुर में स्थित अरावली की पहाड़ी में कुछ लोगों द्वारा अवैध खनन किया जा रहा था। ब्लास्टिंग की धमक से 20 फुट शीला टूट गई। वह टूटने लगी तो तीन चार भारी पत्थर टूटकर गिरने लगे थे। उनके गिरने से वहां मजदूरों ने भागना शुरू कर दिया। इस दौरान सुभाष गुर्जर निवासी रइया का बास, पाटन, जिला सीकर की पत्थरों के नीचे दबने से मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया था। जिला प्रशासन की ओर से टास्क फोर्स का गठन किया था। पुलिस ने वन रेंज अधिकारी के बयान पर जगदीश, ज्ञानचंद, भुलाराम, जयराम निवासी रैया का बांस व ज्ञानी निवासी बिहारीपुर के खिलाफ अवैध खनन करने व शामिल होने पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस चार टीमें लगाई थीं। पुलिस ने 20 जनवरी को मृतक के सुभाष के पिता जगदीश, ज्ञानीराम तथा राकेश को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। सोमवार की शाम को मुख्य आरोपी जयराम निवासी रैया का बास, ज्ञानचंद तथा बलराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को नारनौल कोर्ट में पेश किया जहां पर जयराम को एक दिन का रिमांड मिला तथा ज्ञानचंद एवं बलराम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीकर और जयपुर जिले से लाते थे विस्फोटक पदार्थ
बता दें कि रैया निवासी जयराम मुख्य ठेकेदार है और आंतरी निवासी ज्ञानंचद की जेसीबी मशीन थी जिसको अवैध खनन में प्रयोग में लिया जाता था। इसके अलावा ट्रैक्टर तथा ड्रील मशीन भी थीं। पुलिस ने जेसीबी मशीन को अपने कब्जे में ले लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस द्वारा पूछे जाने पर जयराम ने बताया कि वो जयपुर और सीकर से विस्फोटक पदार्थ लाते थे।
पुलिस ने तीन आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार किया था जिनको मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने जयराम को एक दिन का पुलिस रिमांड दिया तथा दो न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- मेहर सिंह, थाना प्रभारी, नांगल चौधरी।
खनन रोकने के लिए वन विभाग ने फिर खुदवाई खाई
जैनपुर की अरावली की पहाड़ी में किए जा रहे अवैध खनन को रोकने के लिए वन विभाग ने एक बार फिर पहाड़ी के आगे जेसीबी से खाई खुदवा दी है। यह खाई ढाई मीटर गहरी तथा डेढ़ मीटर चौड़ी खोदी गई है। अलग-अलग टुकड़ों में 100 मीटर लंबी खुदाई की गई है। विभाग की ओर से दो कर्मचारी भी निगरानी के लिए ड्यूटी देंगे, जो समय-समय पर जाकर उनको चेक करेंगे। इसके अलावा एक या दो दिन में वहां पर पाबंदी का बोर्ड भी लगा दिया जाएगा। इस समय वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस प्रशासन, गुप्तचर विभाग चारों ही 21 जनवरी की घटना के बाद अलर्ट हैं लेकिन देखना यह होगा कि ये विभाग कितने दिन तक अलर्ट मोड पर रहेंगे या पहले की तरह नाममात्र कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर लेेंगे।