नारनौल। अन्नदाता की फसल की खरीद इस बार होगी या नहीं होगी। यह अभी तक तय नहीं हो पाया है, क्योंकि खरीद संबंधित किसी प्रकार की कोई सूचना सरकार या विभाग द्वारा खरीद एजेंसियों हैफेड व वेयर हाउस को नहीं दी गई है। इस प्रकार खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को भी अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि खरीद होगी या नहीं, अगर होगी तो कैसे और किसानों से कितना अनाज खरीदा जाएगा।
जबकि सरकार ने एक अक्तूबर से खरीफ फसल की खरीद शुरू करने की बात कह रही है। ऐसे में अभी तक खरीद संबंधित कोई शेड्यूल जारी नहीं किए जाने से किसानों में खरीद को असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा खरीद के लिए निर्धारित किए गए स्थानों पर सभी इंतजाम करने की बात कही जा रही है। सरकार द्वारा हर वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ की फसल की खरीद की जाती है। इस बार भी एक अक्तूबर से मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों की कपास, धान, बाजार, मूंग फसल की खरीद शुरू करने के सरकार द्वारा निर्देश जारी किए है। सरकार द्वारा दक्षिण हरियाणा की खरीफ मौसम की मुख्य फसल बाजरा का समर्थन मूल्य 2250 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मूंग का समर्थन मूल्य 7275 रुपये प्रति क्विंटल, कपास का समर्थन मूल्य 5726 से 6025 तक तथा धान (चावल) का समर्थन मूल्य 1940 बुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर बाजरा फसल के सबसे अधिक पंजीकृत
जिला महेंद्रगढ़ में मुख्य रूप से ग्वार, बाजरा, मूंग व कपास की खेती अधिक होती है। जिले में सबसे अधिक 57578 किसानों ने बाजरा फसल के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया। इनमें अटेली में 8095, कनीना में 10689, महेंद्रगढ़ में 12008, नांगल चौधरी में 11010, नारनौल में 11678 तथा सतनाली में 3946 किसान पंजीकृत है। इसी प्रकार जिले में 11275 किसानों ने कपास तथा 10885 किसानों ने मूंग फसल के लिए पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया है।
- सरकार के ब्यान से किसानों में बनी असंमजस
सरकार द्वारा गत दिन भावांतर योजना में बाजरे को शामिल कर किसानों को प्रति क्विंटल के हिसाब से 600 रुपये देकर उन्हें अपना अनाज कही भी बेचने की बात कही गई है। केवल 25 प्रतिशत ही बाजरा सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद किए जाने संबंधित बयान सरकार द्वारा दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने एक अक्तूबर से खरीफ फसल की खरीद शुरू करने की बात कह रही है। ऐसे में अन्नदाता भी खरीद को लेकर असमंजस में है कि आखिर खरीद होगी या नहीं, क्योंकि अभी तक खरीद एजेंसियों द्वारा खरीद का कोई शेड्यूल भी जारी नहीं किया गया है।
- वर्जन
विभागीय आदेशानुसार खरीफ फसल की खरीद के लिए मंडियों सभी तैयारियां व व्यवस्थाएं कर ली है। किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी, शौचालय आदि का प्रबंध कर लिया गया है। अन्नदाता को किसी भी प्रकार परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -नुकुल यादव, सचिव मार्केट कमेटी नारनौल।
- वर्जन
एक अक्तूबर से खरीद को लेकर अभी तक विभाग की तरफ उनके पास कोई आदेश या निर्देश नहीं आया है। फिर भी एजेंसी ने खरीद के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली है। कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। विभागीय आदेशानुसार खरीफ फसल की खरीद की जाएगी। -संजीव कुमार, प्रबंधन हैफेड नारनौल।