पुलिस कर्मी द्वारा धारूहेड़ा के इंद्रजीत को जलाने के मामले में अब पीड़ित
परिवार ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।
उन्होंने आरोपी कांस्टेबल मनजीत को गिरफ्तार करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है।
सामाजिक
संगठन निगाहें ने घायल इंद्रजीत की बहन रुबी की ओर से राष्ट्रीय
मानवाधिकार आयोग, सीएम और डीजीपी को शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है
कि आरोपी कांस्टेबल मनजीत की पहुंच के चलते 30 अक्तूबर को गंभीर अवस्था
में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती इंद्रजीत की छुट्टी करा दी गई है, जबकि उसकी
हालत ठीक नहीं है। वह बार-बार बेहोश हो रहा है। इस वजह से वह अपनी बहन के
घर गुड़गांव में ही है। उसका फिर निजी तौर पर इलाज करवाया जा रहा है। रुबी
ने इंद्रजीत को दोबारा अस्पताल में भर्ती करवाने का अनुरोध किया है।
हर स्तर पर बरती गई लापरवाही
शिकायत
में कहा है कि धारूहेड़ा के हरि नगर निवासी 23 वर्षीय युवक इंद्रजीत
धारूहेड़ा में धर्मेंद्र कबाड़ी के पास नौकरी करता है। कबाड़ी की दुकान के
साथ ही शराब का अहाता है। 22 अक्तूबर की रात आठ बजे के करीब एक पुलिसकर्मी
मनजीत वहां आया। उसने इंद्रजीत से शराब की बोतल मंगवाई।
आरोप है कि
इंद्रजीत ने जब उसे मना किया तो उसे पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। धर्मेंद्र
ने घायल को अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन उसे वहां से थाने भेज दिया। घायल
खुद धारूहेड़ा थाने में शिकायत देने पहुंचा। इसके बावजूद पुलिसकर्मी 24
अक्तूबर को मौकास्थल पर गए। मामला भी 24 अक्तूबर को दर्ज किया गया। अब तक
आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं हुई। रुबी ने कहा कि पुलिस ने हर स्तर
पर इस मामले में लापरवाही बरती। पूरी रात भाई अस्पताल में तड़पता रहा,
लेकिन पुलिस से जुड़ा मामला होने के बावजूद कोई अधिकारी हालचाल पूछने तक
नहीं आया।