दिवाली पर योग गुरु स्वामी रामदेव के होने वाले कार्यक्रम का प्रचार कर रहे
पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं पर बुधवार
रात कुछ लोगों ने हमला बोल दिया।
इसके बाद मारपीट कर धमकी देते हुए
प्रचार वाहन बोलेरो गाड़ी को लेकर फरार हो गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते
हुए आरोपी मैचाना निवासी हुकम, कृष्ण और महेश को काबू कर लिया और गाड़ी
बरामद कर ली। अदालत ने हुकम को जहां जमानत पर छोड़ दिया, वहीं अन्य को
न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान
ट्रस्ट के जिला मीडिया प्रभारी युद्धवीर सिंह और अनुज ने बताया कि वे
गुरुकुल घासेड़ा में दो-तीन नवंबर को होने वाले स्वामी रामदेव के कार्यक्रम
का प्रचार करने के लिए संस्थान की बोलेरो गाड़ी में निकले थे। गाड़ी में
पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री थी। वे झज्जर चौक के निकट पोस्टर लगा रहे
थे।
बुधवार रात साढ़े आठ बजे झज्जर चौक के निकट स्विफ्ट गाड़ी में
सवार नशे में धुत्त लोगों ने पीछे से प्रचार गाड़ी को टक्कर मार दी। इसके
बाद गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हमलावर धमकी देते हुए उनकी
बोलेरो को भी लूट ले गए। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने
नाकाबंदी कर आरोपियों को सर्कुलर रोड पर जैन स्कूल के निकट दबोचा लिया और
गाड़ी को भी बरामद कर लिया।
राजनीतिक हमले के भी लगाए आरोप
रामदेव
के कार्यकर्ता युद्धवीर ने आरोप लगाया कि स्वामी रामदेव के कार्यक्रम को
बाधित करने के लिए षड्यंत्र किया जा रहा है। राजनीति से प्रेरित ऐसी घटनाएं
अन्य राज्यों में भी हुई हैं, किंतु कार्यकर्ता इससे डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर भारत स्वाभिमान के सदस्याें में पूरा
जोश है और उनका हौसला इस प्रकार की घटनाओं से टूटने वाला नहीं है।
एक आरोपी को पुलिस ने दी राहत
पुलिस
ने बुधवार रात को पहले गाड़ी लूटने का ममला दर्ज किया और वीरवार की सुबह
दबाव बढ़ने पर लूट में नामजद व्यक्ति का दुर्घटना के आरोप में चालान करा
दिया। गुरुवार सुबह कुछ पार्षद आरोपी ठेकेदार हुकम के पक्ष में एसपी पंकज
नैन से मिले। एसपी ने मामले की जांच डीएसपी ताहिर हुसैन को सौंप दी। डीएसपी
की घंटे भर की जाच में केस ही बदल गया और रात की एफआईआर में लूट की वारदात
में शामिल हुकम सिंह को सुबह लूट के आरोप से मुक्ति मिल गई और अदालत ने
उसे जमानत पर छोड़ दिया, जबकि बाकी दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एसपी पंकज नैन ने कहा कि मामले की जांच डीएसपी को सौंप दी गई है। वे ही
जांच कर रहे हैं।