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‘युवा पीढ़ी को महान वैज्ञानिकों के कार्यों से प्रेरणा लेने की जरूरत’

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केयू के सीनेट हॉल में प्रतिभागियों को संबोधित करते कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। अनुसंधान एवं विकास का आधार विज्ञान है। युवा पीढ़ी को भारत के महान वैज्ञानिकों द्वारा किए गए कार्यों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने व्यक्त किए। वे शनिवार को रसायन विज्ञान विभाग के हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (एचएससीआईटी) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2022 समारोह के दूसरे दिन बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने, कृषि और औद्योगिक उत्पादों को बढ़ाने, देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और एक महान आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए विज्ञान का उपयोग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कहा कि प्रकाश किरणों पर अपने शोध के लिए डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन को 28 फरवरी 1930 को नोबेल पुरस्कार मिला, इसलिए हम इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एक महान वैज्ञानिक परंपरा रही है। वैदिक काल से भारतीय समय की गणना कर सकते थे। आर्यभट्ट जैसे खगोलविद, महर्षि चरक जैसे आयुर्वेद के विद्वान, नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ और महर्षि कणाद जैसे भौतिक विज्ञानी भारत द्वारा दुनिया को दिए गए हैं।
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भारतीय अणु शक्ति के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के जनक डॉ. विक्रम साराभाई, हरित क्रांति के प्रणेता डॉ. स्वामीनाथन, डॉ. वर्गीज कुरियन, डॉ. जयंत नार्लीकर, डॉ. जगदीश चंद्र बोस और मिसाइल मैन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे भारतीय वैज्ञानिकों ने विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अश्वनी विहाना, डॉ. संगीता, डॉ. रितु, डॉ. सोहन लाल, डॉ. सुमन, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. मनीषा संधु, डॉ. दीप्ति, डॉ. विनीता भांकर, डॉ. दीपक राय, डॉ. सोमवीर जाखड़, डॉ. राजकमल आदि मौजूद रहे।
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भाषण प्रतियोगिता में 40 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, विजेताओं की कल होगी घोषणा
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दूसरे दिन विज्ञान भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराई गई। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 40 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। सहसंयोजक डॉ. किरण सिंह व आयोजन सचिव डॉ. राजकमल ने बताया कि इस राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को भावों की अभिव्यक्ति के लिए मंच प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जितेंद्र कुमार शर्मा, जियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार, बॉटनी विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र सिंह, फिजिक्स विभाग से डॉ. सुमन मेहंदिया शामिल रहीं। बताया गया कि 28 फरवरी को विजेता विद्यार्थियों की घोषणा की जाएगी।
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