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सीवरेज के लिए उखाड़ी बनी बनाई सड़क

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साढ़े तीन साल से पिपली-थर्ड गेट सड़क का निर्माण जारी है। लोगों का विरोध देखते हुए कई स्थानोें पर सड़क को बना भी दिया गया था, लेकिन अब प्रशासन को याद आया कि सड़के नीचे तो सीवरेज लाइन भी बिछानी थी। इस पर एलएनजेपी के समीप बनी बनाई सड़क को फिर से उखाड़ दिया है। इससे लोग परेशान हो रहे है।
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एलएनजेपी अस्पताल से लेकर थानेसर रेलवे स्टेशन तक एक साइड की सड़क का करीब 150 मीटर हिस्सा पिछले 10 दिनों से उखड़ है, जिस कारण ट्रैफिक वन-वे चल रहा है और हादसे हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन शुरुआत से इस सड़क का निर्माण बगैर किसी प्लानिंग के कर रहा है। तीन साल से जब यह सड़क उखड़ी हुई थी तब किसी को याद नहीं आया कि यहां सीवरेज लाइन भी दबानी है अब जब सड़क बनकर तैयार हुई तो अधिकारियों की नींद खुली और झट से सड़क को उखाड़ दिया।
इस सड़क पर अस्पताल व मेडिकल स्टोर सहित कई दुकानें व धर्मशालाएं पड़ती हैं और शहर सारा ट्रैफिक भी यहीं से होकर गुजरता है। ऐसे में हर कोई परेशान को कोस रहा है। बृहस्पतिवार को वन-वे ट्रैफिक चलने के कारण एलएनजेपी अस्पताल के समीप तीन गाड़ियों आपस में टकरा गई। एक गाड़ी थर्ड गेट की ओर से आ रही थी, जबकि दो गाड़ियां पोस्टमार्टम हाउस की ओर से मुख्य सड़क की ओर आ रही थीं। जैसे पहले पोस्टमार्टम कक्ष की ओर गाड़ी मुख्य सड़क पर चढ़ने लगी थर्ड गेट की ओर से आ रही गाड़ी से टकरा गई, जिससे पीछे चल रही एक अन्य गाड़ी भी भीड़ गई। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बनी रही।
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बगैर योजना हो रहा निर्माण
नरेंद्र पांचाल ने कहा कि प्रशासन बगैर प्लानिंग के सड़क बनाने पर लगा हुआ है। तीन साल से इस सड़क का निर्माण चल रहा है। इसमें सीवरेज लाइन भी डालनी है। इसके बारे पहले किसी भी अधिकारी को विचार क्यों नहीं आया। अब जब इस हिस्से की सड़क बन गई है तो उसे फिर से उखाड़ देना कहां तक उचित है।
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मरीजों को हो रही परेशानी
भारत लेबोरेटरी के संचालक राजकुमार ने कहा कि उखाड़ी गई सड़क के कारण लेब में टेस्ट कराने आ रहे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। पहले तो उन्हें लेब तक पहुंचने के लिए ट्रैफिक वन-वे होने के कारण जाम में फंसा रहना पड़ता है। सड़क पर उड़ रही धूल मिट्टी के लैब में आने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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सीवरेज का काम सबसे पहले करना था
मेडिकल स्टोर संचालक सुशांत प्रभाकर ने कहा कि सीवरेज लाइन डालने का काम से सड़क बनाने से पहले ही हो जाना चाहिए था। शहर की यह अकेली सड़क ऐसी नहीं है जिसे बनाने के बाद उखाड़ा गया है। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनके बनने के बाद अधिकारियों को याद आया कि सीवरेज लाइन डालनी थी। ऐसे में फिर सड़क को उखाड़ दिया गया।
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राहत की बजाए मुसीबत बनी सड़क
सुरेंद्र गोयल ने कहा कि यह सड़क तो लोगों को राहत देने की बजाए उनके लिए मुसीबत बन गई है। बड़ी मुश्किल से अस्पताल के सामने की सड़क बनी थी, जिसे प्रशासन ने फिर से उखाड़कर लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ा दिया है। रोज यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। कोई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
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सर्वोच्च न्यायालय ने भी पिछली एजेंसी की याचिका रद्द की
सड़क के निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पिछली निर्माण एजेंसी की ओर से दायर की गई याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। पिछली एजेंसी ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस हेमंत गुप्ता और न्यायाधीश जस्टिस वीरामा सुब्रमण्यम की खंडपीठ के पास याचिका दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आदेश पारित किए कि पिपली से थर्ड गेट तक सड़क का निर्माण कार्य रोकने के लिए याचिकाकर्ता के पास कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए इस याचिका को रद्द किया जाता है।
कोट
सीवरेज लाइन जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दबाई जा रही है। यदि यह विभाग सड़क का बनाने भुगतान पीडब्ल्यूडी को करता है तो हम सड़क बनवा देंगे। नहीं तो जन स्वास्थ्य विभाग ही इस सड़क को बनवाएगा। फिलहाल उन्हें जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है। - दलेल सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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