सात महीने पहले अवैध हथियार के दम पर घर में घुसकर वसूली करने के लिए फायरिंग, तोड़फोड़ और मारपीट करने के मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी संजीव उर्फ संजू और नरेश वासी मरचेड़ी को पुलिस ने अदालत के आदेश से जेल भेज दिया है।
डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि 06 फरवरी को गुरशरण उर्फ अंशुल वासी महादेव मोहल्ला ने थाना कृष्णा गेट पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 5 फरवरी रात करीब 11 बजे वह अशोक मिश्रा के भाई विपिन के घर पर पड़ोसी युवकों द्वारा हुए हमले की जानकारी लेने गया था। विपिन ने उसे बताया कि करीब 15-20 दिन से संटी ने उससे 50 हजार रुपये मांगे थे, जो उसने देने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वह कई बार उससे पैसे लेकर लौटाता नहीं था। इसी कारण सन्नी, संटी गुर्जर सहित 2-3 युवकों ने हमला किया था।
हालांकि उनके जाने के बाद उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर उनकी कार के शीशे तोड़ दिए थे। तभी संटी ने उन्हें डराने के लिए हवाई किया था। कुछ देर बाद विपिन से मिलने उसका दोस्त विश्वकांत वासी रामनगर भी आ गया और वह तीनों विपिन के परिवार के साथ अपनी-अपनी स्कूटी व बाइक पर घर का ताला लगाकर चलने ही वाले थे कि अचानक गली में चार युवकों ने उन पर तलवार और डंडे से हमला करके घायल कर दिया था। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच सीआईए-1 को सौंपी थी।
जांच करते हुए पुलिस टीम ने गुप्त सूचना पर आरोपी नितेश वासी मोरथला को गिरफ्तार करके पूछताछ की थी। 29 मार्च को पुलिस टीम ने मामले के मुख्य आरोपी प्रवेश उर्फ संटी को काबू करके कब्जे से दो अवैध पिस्टल व चार कारतूस बरामद करके दो दिन के रिमांड पर लिया था।
यहां बता दें उक्त आरोपी को वर्ष 2007 में थाना शहर थानेसर में दर्ज एक हत्या के मामले व वर्ष 2008 में भद्रकाली शक्तिपीठ के पीठाधीश सतपाल शर्मा के बेटे स्नेहिल के अपहरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। आरोपी कोविड-19 की शर्तों के तहत 4 अप्रैल 2020 को स्पेशल पैरोल पर बाहर आया था तथा 14 अप्रैल 2021 को जिला जेल में रिपोर्ट करनी थी। पुलिस ने 15 मई को आरोपी दीपक वर्मा, शुभम को, 7 जून को मयंक उर्फ कन्नू, 28 जुलाई को आरोपी कर्ण सिंह, 11 अगस्त को आरोपी सनी गुर्जर को गिरफ्तार करके जेल दिया था। मामले की जांच करते हुए 10 सितंबर को अन्य दो आरोपी संजीव व नरेश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।