अपने पसंदीदा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन करने के मात्र तीन दिन बाकी रह गए हैं। इच्छुक विद्यार्थी 17 अगस्त से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसके चहल का कहना है कि इतिहास विषय परंपरागत विषयों में सर्वाधिक लोकप्रिय रहा है, जिसमें करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। आम धारणा के विपरीत इस विषय की लोकप्रियता और प्रासंगिकता आज भी उतनी ही बनी हुई है। इतिहास विभाग की प्रकृति ही ऐसी है, जिसके चलते सरकारी तंत्र तथा गैर-सरकारी संगठनों/समूहों की भी इसमें व्यापक रूचि होती है। इसका कारण यह है कि इतिहास का ज्ञान हमें अपनी पहचान, संस्कृति तथा विरासत के बारे में अवगत कराता है। साथ ही ऐतिहासिक ज्ञान/तथ्यों को लेकर समाज व राष्ट्र में हमेशा राजनीतिक/बौद्धिक बहस चलती रहती है। इसके परिणामस्वरूप सरकारों से लेकर निजी व्यक्तियों व संस्थाओं तक सभी को इतिहास विषय में दक्षता रखने वाले मानव-संसाधनों, अनुसंधान कर्त्ताओं एवं शिक्षकों आदि की जरूरत पड़ती है। इस कारण इतिहास में उच्च स्तरीय डिग्री धारकों की मांग निरंतर बनी रही है और रहेगी। यहां स्नातकोत्तर इतिहास के पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित है, जिन पर विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो. चहल ने बताया कि इतिहास विभाग विश्वविद्यालय के उन सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित विभागों में से एक रहा है, जहां से डिग्री हासिल करने वाले अनेक पूर्ववर्ती छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन हैं। विभाग ने अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अनेक इतिहासकार जैसे विभाग के संस्थापक, प्रो. वीएन दत्ता, प्रो. केसी यादव, प्रो. रोमिला थापर, प्रो. बीपीएस निगम, प्रो. ज्ञानेश्वर खुराना, प्रो. राघुवेंद्र तंवर, प्रो. केएल टुटेजा आदि के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को तैयार करने में निरंतर योगदान दिया है।
प्रो. चहल ने कहा कि उनके विभाग में अनेक उच्च स्तरीय शिक्षण व मार्गदर्शन देने की परंपरा का पालन किया गया है। अब भी हर वर्ष लगभग दर्जनों विद्यार्थी हर वर्ष विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य स्तरीय सेवाओं में नौकरियां पा जाते हैं। विभाग के छात्रों को यूजीसी के अलावा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, भारतीय समाज विज्ञान अनुसंधान परिषद, विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों से भी निरंतर शोध छात्रवृत्तियां मिलती रही है। कुल मिलाकर इतिहास में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल कहा जा सकता है। लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार इतिहास विभाग के पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो रही है तथा विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।