हमेशा तन गए आगे जो तोपों के दहानों के, कोई कीमत नहीं होती है प्राणों की जवानों के..., बड़े लोगों की औलादें तो कैंडल मार्च करती हैं.., जो अपने प्राण देते हैं वो बेटे हैं किसानों के...,यह पंक्ति सुनाकर फरीदाबाद से पहुंचे कवि दिनेश रघुवंशी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में ऐसा समा बांधा दिया। विश्वविद्यालय का आरके सदन राष्ट्र भक्ति की स्वर लहरियों से गूंज उठा। कवि रघुवंशी ने राष्ट्र को नमन करते हुए कहा कि दिल में उल्फत संभाल कर रखना... ये इबादत संभाल कर रखना... लोग नफरत संभाल कर बैठे हैं... तुम मोहब्बत संभाल कर रखना। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हरियाणा में राव तुलाराम, चौ. उधमी राम, झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान, हांसी के लाला हुक्मचंद, अबदुशमद खान, मोहम्मद आजिम बेग, राव किशन सिंह, राव रामलाल, रामू जाट, सदरूदीन मेवाती, नवाब शमद खान सिरसा, राव गोपालदेव, इमाम कलंदरी व बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह सरीखे शहीदों के बलिदान को किसी भी सूरत में भुलाया नहीं जा सकता। हरियाणा शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर यह कार्यक्रम युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि अरुण जैमिनी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद पहला निमंत्रण मिला..., निमंत्रण से मेरा रोम-रोम खुशी से खिला... दिल हो रहा था बेकाबू... महीनों बाद एक चुटकी कवि सम्मेलन मिलने की खुशी तुम क्या जानो दिनेश बाबू...। प्रीति अग्रवाल ने राष्ट्र को वंदन करते हुए अपने देश भक्ति काव्य पाठ के माध्यम से खुब वाहवाही लूटते हुए काव्य पाठ किया। डॉ. महेंद्र शर्मा ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि देश की खातिर सीमाओं पर जो जान गंवाते हैं... उनकी कुर्बानी को हम सब शीश नवाते हैं...।
मास्टर महेंद्र ने अपनी हरियाणवी रचनाओं दादी का घाघरा, चिट्ठी बनाम प्रेम पत्र के माध्यम से दर्शकों को लोटपोट किया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग डॉ. महासिंह पूनिया ने किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनिल वशिष्ठ, अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. कामदेव झा, उपाध्यक्ष डॉ. रामनिवास, चीफ वार्डन डॉ. नीलम ढांड़ा, कुटा प्रधान डॉ. परमेश कुमार, डॉ. ममता सचदेवा, कुटा सचिव डॉ. विवेक गौड़, सुमिता शर्मा, लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. गुरुचरण, डॉ. जसविंदर, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सौरभ चौधरी सहित विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।