सलारपुर रोड पर ज्वाला माता मंदिर के पास करीब 150 मीटर सड़क का टुकड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। मार्च 2020 में यहां सड़क को उखाड़ उसके बीचो बीच नाले का निर्माण किया गया था। अब नाला बने करीब छह महीने हो गए हैं, लेकिन उसके ऊपर सड़क नहीं बनाई गई। आलम यह है कि सड़क के जितने भाग में नाला बनाया गया है वो हिस्सा सड़क के दूसरे हिस्से से करीब तीनफीट नीचा पड़ गया है, जिसकी वजह से चार पहिया वाहन के पलटने का खतरा बना रहता है। यह सड़क सलारपुर, आलमपुर, फतुहपुर, खेड़ी रामपुर, खेड़ी ब्राह्मणा, शाहपुर और तिगरी आदि गांवों को मुख्य शहर से जोड़ती है। इसी मार्ग पर दयानंद महिला महाविद्यालय, अग्रवाल अस्पताल, श्रीमद्भागवत गीता स्कूल, गीता निकेतन आवासीय स्कूल, सेन धर्मशाला, एक पेट्रोल पंप, एक होटल, दो राइस मिल हैं। वहीं यह सड़क थानेसर सब्जी व अनाज मंडी की ओर भी जाती है। इन दिनों धान का सीजन चला हुआ है। ऐसे में किसान धान से भरी ट्राली इसी मार्ग से लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क का लेवल ऊंचा नीचा होने की वजह से ट्राली के पलटने कर डर बना रहता है। इस सड़क के कारण आसपास की करीब बीस दुकानें भी बुरी तरह प्रभावित हैं।
दुकानदार रोबिन ने बताया कि करीब छह महीने पहले नाला बन कर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके ऊपर सड़क का निर्माण अब तक नहीं किया गया है, जिसकी वजह से दिनभर धूल मिट्टी उड़कर दुकान में आती है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत दी गई है, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हुआ।
दुकानदार चरणजीत ने बताया कि ऊंची नीची सड़क की वजह से हर दिन कोई न कोई ई-रिक्शा पलट जाती है, जिसकी वजह से आमजन चोटिल हो रहे हैं। जब भारी वाहन गुजरते हैं तो जाम लग जाता है। दिनभर उड़ने वाली धूल की वजह से दुकान में रखा परचून का सामान खराब हो जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम करने वाले मन्नू का कहना है कि जब भी यहां से गाड़ी गुजरती है तो गाड़ियों को नुकसान भी होता है। कई बार पत्थर उछलकर दुकान के शीशे से टकरा जाता है, जिसकी वजह से शीशे के टूटने का भय रहता है।
दुकानदार गुरसेवक का कहना है कि नाला बनाकर इसके ऊपर सड़क न बनाने से एक तरफ की सड़क का लेवल बिगड़ गया है, जिसकी वजह से कुछ दुकानें सड़क से ज्यादा ऊंचाई पर चली गई हैं जिस वजह से ग्राहकों को दुकान में दाखिल होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्म सिंह का कहना है कि सड़क पर अभी मिट्टी पड़ी हुई है। बारिश के दौरान यहां कीचड़ हो जाता है। जब भी भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो दुकान में बैठे लोगों पर छींटे लगते हैं। पहले तो लॉकडाउन की वजह से काम बंद पड़ा हुआ था, लेकिन अब सड़क के उबड़ खाबड़ होने के कारण दुकान तक कोई ग्राहक ही नहीं आता।
जब से सड़क उखड़ी लाइटें भी बंद पड़ी : सुदेश सिंगला
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सुदेश सिंगला ने कहा कि इस सड़क पर स्कूल भी पड़ते हैं। बहुत से बच्चे इस तरफ से होकर गुजरते हैं। इस दौरान हादसा होने का ज्यादा भय बना रहता है। इसके अलावा जब से सड़क उखाड़ी गई तभी से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं।
पीडब्ल्यूडी डिवीजन-1 के एसडीओ जगदीश ने बताया कि सड़क बनाने के लिए ठेकेदार को टेंडर अलॉट हो चुका है। जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।