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निजी अस्पताल व लैब संचालक स्वास्थ्य विभाग को कर रहे गुमराह, एलाइजा की जगह रैपिड कार्ड से कर रहे डेंगू जांच

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डेंगू की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और निजी अस्पताल और लैब संचालक स्वास्थ्य विभाग को ही नहीं, बल्कि मरीजों को भी गुमराह कर रहे हैं। अस्पताल पहुंचने वाले डेंगू के संदिग्ध मरीजों का एलाइजा की जगह रैपिड कार्ड से जांच कर हैं। जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा शहर के एक निजी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने डेंगू पॉजिटिव मरीजों का रिकॉर्ड ही नहीं मांगा, बल्कि डेंगू की जांच कैसे की जा रही है ? संबंधित जानकारी भी मांगी। यहां उपस्थित एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने सीएमओ को गुमराह करने की प्रयास तो किया। यहां सीएमओ ने लैब की माइक्रोबायोलॉजिस्ट का नंबर मांगा और अपने ही मोबाइल से कॉल की। पहले सीएमओ ने बताया कि मैं जिला सिविल सर्जन बात कर रहा हूं और मैं खुद माइक्रोबायोलॉजिस्ट हूं। इसलिए कोई चतुराई नहीं चलेगी। बताइए कि आप किस मेथड में डेंगू की जांच कर रहे हैं ? सीएमओ द्वारा पूछताछ करने पर सामने आया कि लैब में एलाइजा की जगह रैपिड कार्ड से डेंगू की जांच की जा रही है। इस दौरान सीएमओ ने सख्त निर्देश दिए कि मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। जो भी डेंगू का संदिग्ध मरीज अस्पताल में पहुंचता है तो उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि मरीज की पुन: जांच की जा सके और उस क्षेत्र में एंटी लार्वा गतिविधि कराई जा सके। इस मौके पर जिला सिविल सर्जन के साथ जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुदेश कुमार और एपिडेमियोलॉजिस्ट बिंदु राय भी उपस्थित थी। बता दें कि जिलेभर में डेंगू पॉजिटिव 27 सामने आ चुके हैं, जिनकी स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है, लेकिन संदिग्ध मरीज उपचार के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को 30 से 40 सैंपलों की जांच की जाएगी।
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