गांव रायमाजरा में शहीद गुरजेंट सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर करके व शोक बिगुल बजाकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद के बड़े भाई सतनाम सिंह जोकि सेना में सिपाही है, ने मुखाग्नि दी। विधायक रामकरण काला ने शहीद के पिता व भाई को गले लगाकर ढांढस बंधाया। शाहाबाद प्रशासन की तरफ से एसडीएम कपिल शर्मा, बीडीपीओ सुमित कुमार, भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस, जिला सैनिक बोर्ड कुरुक्षेत्र और ग्राम पंचायत रायमाजरा की ओर से पुष्प चक्र अर्पित करके शहीद गुरजेंट सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले सेना की टुकड़ी नायब सूबेदार होशियार सिंह के नेतृत्व में तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर पहुंची। यहां बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक काफिले के साथ शहीद गुरजेंट सिंह अमर रहे के जयघोष लगाकर शहीद को विदाई दी। परिजनों सहित पूरा गांव शहीद की शहादत पर गर्व कर रहा था लेकिन पार्थिव शरीर जैसे ही गांव की दहलीज पर पहुंचा सभी की आंखे नम हो गई। अपने वीर सपूत को देखते ही पिता रूलदा राम, माता कर्मजीत, भाई सतनाम सिंह, पत्नी रिंकी, बहन जसविंद्र व चरणजीत की आंखे नम हो गई। वे पार्थिव शरीर से लिपट-लिपट कर शहीद को पुकारते रहे। तत्पश्चात घर से पार्थिव शरीर को पुष्प वर्षा के साथ स्वर्गधाम तक लाया गया। यहां पूरे रीति रिवाज व परंपरा के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने शहीद को नमन करते हुए तिरंगा झंडा शहीद के भाई सतनाम सिंह को भेंट किया। पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी, गौरव बेदी, प्रद्युमन मंधेड़ी, सूबेदार आरआर शर्मा, रोशन लाल, प्रवीन कुमार, मनदीप कुमार, रवि दामली सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।
अपने बेटे शहीद गुरजेंट सिंह के पार्थिव शरीर को देखकर मां कर्मजीत कौर बार-बार बेसुध हो रही थी। होश आते ही बोलती थी कि यह उसके बेटे का शव नहीं है। मां के शक को दूर करने के लिए तब शहीद की बाजू पर लिखा शहीद गुरजेंट व उसकी पत्नी का नाम दिखाया गया। तब जाकर मां को संतुष्टि हुई और वह शव से लिपट कर फूट-फूट कर रोने लगी।
शहीद गुरजेंट सिंह के पिता रूलदा राम व भाई सतनाम सिंह ने हरियाणा सरकार व सेना से पत्नी रिंकी के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है। गुरजेंट सिंह अपने पीछे अपनी तीन वर्षीय दिव्यांग बेटी परनीत कौर व सात माह के बेटे हरकीरत सिंह को छोड़ गया है। उनके पास आजीविका का अन्य कोई साधन या जमीन व जायदाद नहीं है। बच्चों को पालन पोषण के लिए नौकरी की मांग रखी है।