संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। शाहाबाद सहकारी चीनी मिल चालू पेराई सत्र में 10 हजार मीट्रिक टन चीनी विदेशों को एक्सपोर्ट करेगी। इसके अलावा 21 करोड़ रुपये की पांच करोड़ बिजली यूनिट का भी उत्पादन करेगी। मिल चालू पेराई सत्र के आरंभिक 45 दिन (31 दिसंबर तक) का 63 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों को कर चुकी है। यह जानकारी शुगर मिल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रबंधक निदेशक सतिंद्र सिवाच ने पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि मिल ने 74 दिनों में 28 लाख 96 हजार 700 क्विंटल गन्ने की पेराई कर 2 लाख 67 हजार 300 क्विंटल चीनी उत्पादित की। मिल ने चालू पेराई सत्र के शुरुआती सप्ताहों में रिकार्ड 7 करोड़ रुपये मूल्य की एक करोड़ 75 लाख यूनिट बिजली का निर्यात किया है।
उल्लेखनीय है कि मिल ने 2020-21 के लिए देश की सहकारी क्षेत्र की सभी 435 सहकारी चीनी मिलों में तकनीकी दक्षता में प्रथम राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त किया है। यह 28वां राष्ट्रीय अवार्ड है।
मिल में करीब एक अरब रुपये की लागत से 60 केएलपीडी प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का एथेनॉल प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट से 2 करोड़ लीटर इथेनॉल प्रतिवर्ष उत्पादित होगी। प्रबंधक निदेशक सिवाच ने बताया कि मिल में हरियाणा में अपनी प्रकार का चौथा गुड़-शक्कर प्लांट स्थापित करना विचाराधीन है, जिसमें ऑर्गेनिक हल्दी गुड़, इलायची गुड़, केसर गुड़, नारियल गुड़, बच्चों के लिए विशेष चॉकलेट तैयार किया जाएगा। यह गुड़ मिठाइयों में काम आ सकेगा। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि मिल में चावल के टुकड़े, मक्का व आलू आदि से भी एथेनॉल बनाने बारे प्रयास किया जा रहा है। बताया कि यहां पैदा होने वाले एथेनॉल को भारत सरकार के उपक्रम इंडियन ऑयल कारपोरेशन को बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां मिल में 24 घंटे अटल किसान कैंटीन चलाई जा रही है, जहां किसानों व मजदूरों को मात्र 10 रुपये में पेटभर खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।