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कुरुक्षेत्र में 115.69 किलोमीटर की सड़कों पर खर्च किया जाएगा 4009.88 लाख रुपये

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भारत की आजादी का अमृत महोत्सव पर लोक निर्माण विभाग की तरफ से रोल ऑफ पीएमजीएसवाई इन डेवेलपमेंट ऑफ रिस्पेक्टिव रूलर रोड एरिया विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह वर्चुअल रूप से जुड़े और सांसद नायब सिंह सैनी और विधायक सुभाष सुधा ने लघु सचिवालय के सभागार में सेमिनार का उद्घाटन किया।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) स्कीम के तहत भारत सरकार द्वारा 4565.2 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इतना ही नहीं हरियाणा को पीएमजीएसवाई-2 योजना के लिए 88 सड़कों व 18 पुलों सहित 1015.07 किलोमीटर की सड़कों की सौगात दी गई।
इस अवसर पर विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस प्रकार के सेमिनार से सीख लेनी चाहिए कि सड़कों का निर्माण करते समय जनहित को प्राथमिकता दे और तकनीकी रूप से सड़कों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूरा करने का काम करें। इससे सरकार के पैसे की बचत होने के साथ-साथ आमजन को परेशानी से बचाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि जिला कुरुक्षेत्र में 115.69 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 13 सड़कों का कार्य प्रगति पर है। इन सड़कों के निर्माण पर 4009.8 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इतना ही नहीं 2 सड़कों का निर्माण कार्य पाइप लाइन में है, इन सड़कों की कुल लंबाई 20.835 किलोमीटर है और इन पर करीब 1440.30 लाख रुपये का बजट खर्च किया जा चुका है। खेलमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसंबर 2000 को शुरू की गई थी, जिसका प्राथमिक उद्देश्य सभी मौसम में सड़क के माध्यम से कनेक्टिविटी प्रदान करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ योग्य असंबद्घ निवासियों को प्रदान करना था।
खेलमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पीएमजीएसवाई-1 में 4565.2 किलोमीटर की सड़कों का कार्य पूरा किया गया और इस पर 1394.43 करोड़ का बजट खर्च किया गया। पीएमजीएसवाई-2 योजना को 5 मई 2014 को मंजूरी मिली, इसमें केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का फंडिंग शेयर का समझौता हुआ। इस योजना के तहत प्रदेश में 88 सड़के और 18 पुल सहित 1015.07 किमी की सड़के बनाकर 807.74 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस योजना के तहत सड़कों के रख-रखाव की 5 सालों तक की जिम्मेवारी ठेकेदार की तय की गई है।
इस योजना के तीसरे चरण की घोषणा जुलाई-2019 में की गई और 2500 किमी का संकेत आवंटन 5 साल की अवधि के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा हरियाणा के लिए किया गया। इसमें भी 60:40 के अनुपात में फंडिंग की गई और इस चरण में 17 जुलाई 2020 को 68 किमी लंबे और 388.58 करोड़ की लागत वाले 83 कार्यों को बैच-1 और बैच-2 के तहत 1217 किमी की लंबाई और 550 करोड़ रुपये के 120 कार्यों के लिए भारत सरकार से 5 मार्च 2021 को स्वीकृति मिल चुकी है। सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रो. प्रवीण अग्रवाल ने सडक़ों के तकनीकी पहलु पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस मौके पर उपायुक्त मुकुल कुमार,
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अधीक्षक अभियंता वीके शर्मा, एक्सइएन अरुण भाटिया, एक्सइएन अमित मुनेजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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