संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रोजेक्ट लंबा-चौड़ा, दावे बड़े-बड़े, मगर शहर की लाइफ लाइन कहे जाना वाला पिपली-थर्ड गेट मार्ग टाइम लाइन बन कर रह गया है। अभी भी कई जगहों पर सड़क का निर्माण अधूरा है तो जहां सड़क बन चुकी है उसे कभी सीवरेज तो कभी नाला बनाने के लिए खोदा जा रहा है। पहले सड़क निर्माण ने लोगों को खूब जख्म दिए और अब हो रहा नाले का निर्माण उन जख्मों पर नमक छिड़क रहा है।
चार साल में महज नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क का करीब 80 फीसदी निर्माण पूरा हो गया। अब नाले का निर्माण लोगों के लिए गले की फांस बन रहा है। किसी की दुकान तो किसी के घर के आगे खोदाई की गई है। इससे जहां दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है वहीं लोगों को अपने घर जाने में भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
मजबूरन लोगों को अपने वाहनों को बाहर खड़ा करना पड़ रहा है। वहीं नाले का लेवल ऊंचा होने के कारण लोगों को गंदे पानी की निकासी और बरसात का पानी दुकानों और घरों में घुसने का डर सता रहा है। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले पिपली-थर्ड गेट सिक्स लेन प्रोजेक्ट की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चार जून 2015 को थी।
करीब नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए करीब 57 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया। 20 सितंबर 2018 को इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को शुरू कराया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। इस प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण के साथ सुंदरीकरण, सेंट्रल वर्ज, नाले का निर्माण और लाइटिंग का कार्य शामिल है। अब जिस फर्म को टेंडर दिया गया है, उसे इस प्रोजेक्ट को इसी साल आठ अक्तूबर तक पूरा करना है।
प्रोजेक्ट के तहत करीब 60 प्रतिशत नाले का निर्माण कार्य हो चुका है, मगर अब जहां नाले का निर्माण चल रहा है वहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण से पूर्व नाले का निर्माण कार्य करना चाहिए था। अब एलएनजेपी अस्पताल और पुराने बस अड्डे के पास नाले के निर्माण के लिए खोदाई की गई है। नाले के निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरा रहता है, जिससे मच्छर और मक्खियां खूब पनप रही है। खुला होने के कारण कोई भी इसमें गिर सकता है। नाले के लिए निर्माण की सामग्री सड़क पर यहां-वहां बिखरी पड़ी है। निर्माण संबंधी कोई संकेत सड़क व निर्माण स्थल पर नहीं लगाए गए हैं।
चार दिन पहले टूटी पेयजल पाइप लाइन
चार दिन पहले एलएनजेपी अस्पताल के सामने खोदाई के दौरान पेयजल पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। इससे अस्पताल के शवगृह सहित गली में घुटनों तक पानी भर गया। आनन-फानन में देर रात को ही पाइप लाइन को दुरुस्त करने का अभियान चलाया गया। सुबह तक उसे दुरुस्त करना पड़ा, क्योंकि इस पाइपलाइन से शहर की कई कॉलोनी में जलापूर्ति होती है। बगैर किसी प्लान के तहत ही नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। करीब नौ किलोमीटर लंबे बनने वाले इस नाले को जोड़ा नहीं गया है। कई जगह दुकानदार नाले के लेवल को लेकर विरोध भी कर रहे हैं।
फर्म ने मांगा अतिरिक्त समय : ललित कुमार
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ललित कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत काम तेजी से चल रहा है। ठेका लेने वाली फर्म ने विभाग से अतिरिक्त समय के लिए आवेदन किया है। नाले के निर्माण के पास सांकेतिक चिह्न लगाने के निर्देश फर्म को दिए जाएंगे। निर्माण में कई फर्म के होने से कुछ मुश्किल हुई है, मगर उन सबको को दूर किया जाएगा।
बरसाती नाले के निर्माण कार्य में जुटे मजदूर। संवाद- फोटो : Kurukshetra