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ग्रहण के साये में रहेगी इस बार दिवाली

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डॉ. रामराज कौशिक। - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर को लगेगा। हालांकि ये हमारे देश में दिखाई देने वाला पहला सूर्य ग्रहण है और दिवाली के त्योहार पर भी इसका साया रहेगा। ग्रहण लगा हुआ सूर्य अस्त हो जाएगा। संयोग है कि इस बार दीवाली की रात से ही सूर्य ग्रहण सूतक आरंभ हो जाएगा।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ रामराज कौशिक के मुताबिक दिवाली इस साल 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। सूर्यग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि को लगता है और दिवाली भी अमावस्या तिथि पर होती है। अबकी बार ऐसा संयोग बना है कि दिवाली की रात से ही सूर्य ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाएगा। इस बार सूर्यग्रहण करीब 4 घंटे 3 मिनट का होगा और इस ग्रहण का मोक्ष भारत में नहीं देखा जा सकेगा, क्योंकि सूर्य ग्रहण समाप्त होने से पहले ही सूर्यास्त हो जाएगा।
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डा.कौशिक बताते हैं कि सूर्य ग्रहण का आरंभ 25 अक्तूबर को दिन में दो बजकर 29 मिनट पर हो रहा है। सूर्यग्रहण के बारे में नियम है कि इसका सूतक ग्रहण आरंभ होने से 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए 24 अक्तूबर दिवाली की रात दो बजकर 30 मिनट से सूर्यग्रहण का सूतक आरंभ हो जाएगा।
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खंडग्रास सूर्यग्रहण का समय
ग्रहण प्रारंभ- 2-29 दोपहर
ग्रहण मध्य -4-30 दोपहर
ग्रहण समाप्त--6-32 शाम
ग्रहण का ग्रासमान --0.861
ग्रहण अवधि - चार घंटे तीन मिनट
ग्रहण का सूतक-25 अक्तूबर को सूर्योदय से पहले रात्रि 2-29 से
कुरुक्षेत्र में ग्रहण का समय- शाम चार बजकर 25 मिनट 35 सेकेंड से पांच बजकर 28 मिनट 10 सेकेंड
दिवाली की रात महानिशीथ काल
दिवाली की रात को साधन के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है। इस समय देवी काली की साधना, उपासना, तंत्र साधना की जाती है। महानिशीथ काल का समय 24 अक्टूबर को रात 10 बजकर 55 मिनट से 25 अक्टूबर को रात एक बजकर 53 मिनट तक रहेगा। दिवाली की रात को ग्रहण का सूतक लग जाने से तंत्र साधना और सिद्धि के लिए यह रात बेहद खास रहेगी। इस रात जागरण करके देवी लक्ष्मी के मंत्रों का जप करना बेहद ही लाभकारी होगा।
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