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पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने रोका आम आदमी की गाड़ी का पहिया, गैस सिलिंडर के आसमान छूते दामों ने फिर से महिलाओं के निकाले आं

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पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने जन जीवन को पूरी तरह प्रभावित करके रख दिया। वहीं बिना सब्सिडी के गैस सिलिंडर के आसमान छूते दामों ने फिर से महिलाओं की आंखों से आंसू निकाल दिए हैं। साथ ही खाद्य पदार्थों में हुई करीब 10 से 12 फीसदी महंगाई ने हर किसी की जेब खाली कर दी है। 10 अक्तूबर को पेट्रोल 101.66 और डीजल 93.40 रुपये तक पहुंच गया है। पिछले दस माह में पेट्रोल के मूल्यों में 19.92 रुपये और डीजल के मूल्य में 20.01 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। रोजाना बढ़ते पेट्रोल व डीजल के दामों से तंग आकर लोग कार छोड़ बाइक और बाइक छोड़ साइकिल व इलेक्ट्रिक वाहन का सहारा लेने लगे हैं। वहीं ग्रामीण महिलाओं का धुआं मुक्त रसोई अब सपना ही रह गया है। अगस्त 2021 में 847.50 रुपये में मिलने वाला गैस सिलिंडर अब 4 रुपये 19 पैसों की सब्सिडी के 909 रुपये में मिलने लगा है। अब चूल्हा ही महिलाओं का सहारा बना है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में गैस सिलिंडरों की खपत 25 से 30 फीसदी खत्म हो चुकी है। बताया गया कि अगस्त 2021 में गैस सिलिंडर का मूल्य 847.50, सितंबर माह में 894 रुपये और अक्तूबर माह में 909 रुपये तक पहुंच गया है।
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गृहणी अंजु का कहना है कि अनियंत्रित महंगाई ने चिंता बढ़ा दी है। घर का बजट भी बिगड़ चुका है। स्थिति यह है कि हर माह किसी न किसी खाद्य पदार्थ के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। महंगाई के कारण रसोई से बजट में 30 से 40 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। छह से सात हजार प्रति माह आने वाला रसोई बजट बढ़कर 9 से 10 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
दुकानदार रवि ढींगरा का कहना है कि खर्च बढ़ता जा रहा है और मार्केट से ग्राहक खत्म होते जा रहे हैं। मालभाड़ा में 20 से 25 फीसदी का इजाफा हुआ है और मार्केट से 50 फीसदी ग्राहक गायब हो चुके हैं। दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।
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नीलकंठ एंड संस पिहोवा पेट्रोल पंप संचालक ईशान शर्मा का कहना है कि दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। जनवरी से मई 2021 तक पेट्रोल के दामों में 6.5 रुपये और डीजल के दामों में 7.89 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई। अगर पिछले दस माह की बात करें तो पेट्रोल के मूल्यों में 19.92 रुपये और डीजल के मूल्य में 20.01 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के कारण हर वस्तु के दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ती महंगाई पर सरकार को कंट्रोल करना चाहिए।
दुकानदार रिंकू का कहना है कि कोरोना के बाद से महंगाई कंट्रोल नहीं हुई है। दिन प्रतिदिन खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ते जा रहे हैं। 90 रुपये मिलने वाला सरसो का तेल अब 160 से 170 रुपये मिल रहा है। डालडा घी 70 से 130 रुपये मिल रहा है। यही नहीं, 18 रुपये में मिलने वाला ब्रेड का पैकेट भी 25 रुपये में मिल रहा है।
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तारीख----------------पेट्रोल-------------डीजल
01 जनवरी------------81.74--------------73.30
01 फरवरी------------84.30--------------76.96
01 मार्च---------------88.99--------------81.93
01 अप्रैल-------------88.40---------------81.33
01 मई----------------88.24---------------81.19
01 जून---------------92.27-----------------85.91
01 जुलाई------------96.46-----------------89.72
01 अगस्त------------99.40-----------------90.42
01 सितंबर-----------98.99-----------------89.38
01 अक्तूबर----------99.48-----------------90.74
10 अक्तूबर----------101.66----------------93.40
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