चावल खरीद की नई पॉलिसी के विरोध में राइस मिलर्स ने सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। सरकार की नीतियों से खफा राइस मिल एसोसिएशन ने सोमवार को प्रधान मोहन लाल गर्ग की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि मिलर्स न तो धान खरीदेंगे और न ही सरकारी धान की कुटाई का काम करेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की चावल पॉलिसी व्यापार और व्यापारियों दोनों को ठप करने वाली है। मोहन लाल गर्ग ने बताया कि इस बार सीएमआर चावल लेने के लिए सरकार ने चावल टुकड़ा की मात्रा 25 से 20 प्रतिशत कर दी। वहीं बदरंग चावल की मात्रा 3 से घटाकर 2 प्रतिशत और नमी 15 प्रतिशत से कम कर 14 प्रतिशत कर दी है। जबकि धान की गुणवत्ता हर साल गिर रही है जिससे टुकड़ा और बदरंग चावल की मात्रा बढ़ रही है। बैठक में जितेंद्र पपनेजा और सतीश बंसल ने कहा कि इस बार सरकार से धान की डिलीवरी नहीं ली जाएगी। जब तक सरकार नई पॉलिसी में बदलाव नहीं करती तब तक सरकारी धान का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर हेमराज सिंगला, वीर कुमार कौशल, बबलू सिंगला, निरंजन नैन, सन्नी पपनेजा, दीपक सिंधवानी, सपन बंसल, तरसेम पपनेजा, पम्मा वधवा मौजूद रहे।
सरकारी खरीद शुरू करने की मांग
एसो. का कहना है कि अनाज मंडी में लगातार धान की आवक हो रही है। आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसान धान की कटाई कर रहे हैं और फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, मगर उनको खरीददार नहीं मिल रहा है। मांग है कि धान की खरीद शुरू कराई जाए ताकि किसान आगामी फसल की तैयारी कर सकें।