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रामबाण से जलकर राख हुआ रावण

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शाहाबाद, लाडवा और इस्माईलाबाद में लंकापति, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहन करके बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। वहीं धर्मनगरी कुरुक्षेत्र और पिहोवा में लगातार दूसरी बार रावण के पुतले का दहन नहीं किया गया। लाडवा में शिवाला राम कुंडी प्रबंधक समिति द्वारा 6 फुट, इस्माईलाबाद के प्राचीन शिव मंदिर में रावण व मेघनाद के करीब 20 से 25 फुट और शाहाबाद में 25 से 30 फुट ऊंचे पुतले बनाए गए थे। रामलीला के आखिरी मंचन के दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार श्री राम अपनी सेना के साथ पूरे नगर की परिक्रमा कर आयोजन स्थल पर पहुंचे और यहां रावण और श्रीराम में भयंकर युद्ध हुआ। रावण वध का मंचन देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े रहे और अंत में श्री राम के बाण से रावण के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान सारा वातावरण श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
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हालांकि कोविड के चलते इस बार जिले में कहीं भी मेले आयोजित नहीं किए गए, लेकिन बाजारों में खूब रौनक दिखाई दी। बच्चे श्री राम और रावण के मुखोटे पहने हुए दिखाई दिए। लोगों ने विजयदशमी पर सुबह ही अपने घरों में पूजा अर्चना की और एक दूसरे को बुराई पर अच्छाई की जीत की बधाई देते हुए मिठाई बांटकर खुशियां मनाई।
उधर, समाज सेवी संस्था यूथ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित यूथ बाल संस्कार केंद्र में बच्चों को विजयदशमी का संदेश आधुनिक युग में बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में अनूठे ढंग से दिया गया। रोबिन हुड आर्मी, कुरुक्षेत्र की समाजसेविका अंजलीन जैन ने बच्चों को विभिन्न मुखौटे पहन कर श्री राम और रावण की पूरी कहानी कठपुतली के माध्यम से सुना कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। संस्था के चेयरमैन समाजसेवी गुलशन कुमार ग्रोवर ने कहा कि विजयदशमी का पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। संस्था के प्रधान सुमित खत्री ने बताया कि संस्था द्वारा समय-समय पर इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों से कराई जाती हैं, ताकि उनमें अच्छे संस्कार आ सके। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक बाबा गुरविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष सिमरन कौर, समाज सेविका श्रुति शर्मा एवं आरती रानी उपस्थित रहे। विक्रम ने अच्छाई के प्रतीक भगवान श्री राम, अंजलि ने त्याग की प्रतीक सीता माता, सरस्वती ने सेवा के प्रतीक हनुमान, अनु ने बुराई के प्रतीक रावण, कुलदीप ने हेलमेट पहने अच्छाई के प्रति श्री राम, सन्नी ने बिना हेलमेट के रावण, रवि ने मास्क पहने अच्छाई के प्रतीक श्री राम, सन्नी ने बिना मास्क पहने रावण, उपासना ने बिना मास्क के बुराई के प्रतीक रावण, विक्रम ने श्री राम के रूप में पौधरोपण तथा अनु ने रावण के रूप में वृक्ष काटने वाले की भूमिका निभाई। पुष्पेंद्र ने अच्छाई के प्रतीक जटायु, रिमझिम ने त्याग व सेवा के प्रतीक लक्ष्मण और माता ने सेवक के प्रतीक सुग्रीव का वेश धारण किया।
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लाडवा। शिवाला रमकुंडी लाडवा पर हर वर्ष रावण दहन का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार को शिवाला राम कुंडी प्रबंधक समिति द्वारा सांकेतिक रूप में 6 फुट का रावण के पुतले का दहन किया गया। प्रबंध समिति प्रधान रोहित गर्ग ने बताया कि वर्षों से शिवाला राम कुंडी में 50 फुट से ऊपर रावण का पुतले का दहन किया जाता था, लेकिन कोविड के चलते दहन नहीं किया जा रहा है। कहा कि प्रबंधन समिति ने विचार विमर्श करने के बाद फैसला लिया था कि वर्षों से चली आ रही परंपरा न टूटे इसके लिए सांकेतिक रूप से 6 फूटे रावण के पुतले का दहन किया गया।
हुडा ग्राउंड में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन किए गए। पूर्व मंत्री केयर शर्मा, विधायक रामकरण काला एवं कमेटी के प्रधान जगमोहन मनचंदा ने तीनों पुतलों को आग के हवाले किया। इससे पहले नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो शिव मंदिर परिसर से शुरू होकर नगर के बाजारों से होते हुए लाडवा रोड स्थित हुडा ग्राउंड में पहुंचे। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका प्रधान हरीश क्वात्रा, डॉ. गुलशन क्वात्रा, सुदर्शन कक्कड़, सुरेंद्र पाल सिंह, लाली राजू नंद हैप्पी व आनंद सहित अन्य मौजूद रहे।
विजय का प्रतीक विजयदशमी भगवान श्री राम की लंका के अधिपति रावण पर विजय का पर्व है यह सत्य, ज्ञान तथा आदिशक्ति मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है। वैदिक काल से भारतीय संस्कृति में विजयदशमी का पर्व वीरता का पूजक एवं शौर्य की उपासक रहा है। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने विजयदशमी पर्व पर कहे। मातृभूमि शिक्षा मंदिर में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी चरणजीत सिंह सुनारिया ने शिरकत की। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति की गाथा गौरवशाली है।
लोटस ग्रीन सिटी सेक्टर 9 में हर वर्ष की भांति इस साल भी दशहरा पर्व परंपरा अनुसार धुमधाम से मनाया गया। इस साल भी ग्रीन सिटी के बच्चों ने खुद अपने हाथों से रावण का पुतला तैयार किया। दशहरा पर्व को लेकर लोटस ग्रीन सिटी के बच्चों ने एक ही दिन में अपनी पॉकेट मनी से रावण का पुतला बनाने का सामान एकत्रित किया और सभी ने मिलकर करीब 20 फुट लंबा रावण का पुतला तैयार किया। शुक्रवार को देर सायं लोटस ग्रीन सिटी वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुखबीर सिंह, पूर्व प्रधान राममूर्ति शर्मा सहित अन्य लोगों ने परंपरा अनुसार पूजा अर्चना की और रावण का दहन किया। इस पुतले को बनाने में ग्रीन सिटी से मोना सानिया सिंह, अमितोज सिंह, दीक्षांत, पार्थ, लक्ष्य, राधिका, रिया, शिवम, जतिन, चिराग,कैप्टन आरव, अश्मि, आशी, ख्वाइश, वंशिका,नेहल, आव्या, अवनी, वृंदा, अन्नु, सहज चोपड़ा, कनिश्का, तेजल, हेजल, सात्विक, समृद्धि, सक्षम, नंदू, जोरो, हरमन, जोई, नंदिनी, यशविनी, आदि, महिमा, अभिलक्ष सहित ने सहयोग किया है। इस मौके पर उपप्रधान नर सिंह, महासचिव अमित मल, राजीव काचल, जय प्रकाश, डॉ. कुमार आनंद, डॉ. ऋषिपाल, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, धर्मपाल, सुखदेव चेयरमैन व सतीश शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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