गांव मुकुरपुर में बनने वाले सरस्वती सरोवर से न केवल गिरते भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि बाढ़ से भी सुरक्षा प्रदान करेगा। इसके साथ ही सरस्वती नदी के पुनरुत्थान व निरंतर जल प्रवाह की योजना को भी बल मिलेगा। इस सरोवर के चारों ओर विभिन्न किस्म के पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। सरकार की ओर से सरस्वती प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत आदिबद्री तीर्थ से लेकर कैथल तक सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड सरस्वती सरोवर (रिजर्व वायर) का निर्माण कराएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर को सुधारने के साथ वर्षा के जल को संरक्षित करके बाढ़ को रोकना तथा सिंचाई करना है। इस योजना के तहत 20 गांव में सरोवर का निर्माण किया जाना है। फिलहाल बोर्ड 10-12 गांव में ही सरोवर का निर्माण कराएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत गांव मुकुर में सरस्वती सरोवर का निर्माण कराया जाएगा। करीब पांच एकड़ में सरोवर का निर्माण होगा, जिस पर 60 लाख रुपये अनुमानित लागत लगेगी। इस प्रोजेक्ट को लेकर पिछले दिनों ही सरस्वती हेरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने सरोवर के निर्माण को लेकर गांव मुकुरपुर में जायजा लिया। उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती सरोवर के निर्माण का उद्देश्य वर्षा के जल को संरक्षित करना, गिरते भूजल स्तर में सुधार लाना, बाढ़ को नियंत्रित करना तथा सरस्वती नदी में निरंतर जल प्रवाह करना है। सरस्वती प्रोजेक्ट के तहत आदि बद्री से कैथल तक सरस्वती नदी के किनारे बसे 10-12 गांव में सरोवर का निर्माण कराया जाएगा। गांव मुकुरपुर में बनने वाले इस सरोवर के निर्माण पर करीब 60 लाख रुपये खर्च होंगे। गांव मुकुरपुर डार्क जोन में शामिल है। इस रिजर्व वायर के बनने से डार्क जोन की समस्या भी खत्म होगी। इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से पांच एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया जा चुका है। इस काम में ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जाएगा।
धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि इस सरोवर से गांव जंगल तक पानी पहुंचाने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किया है। इसके तहत पाइप लाइन के जरिए जंगल तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके गांववासी मामचंद अपने खेतों में से रास्ता देने के लिए आगे आए हैं।