संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सांसद नायब सिंह सैनी ने लोकसभा में कुरुक्षेत्र बाईपास, पिहोवा से यमुनानगर तक फोरलेन और पिपली से लेकर यमुनानगर तक की सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सदन में पटियाला से हरिद्वार तक फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव रखते हुए सरकार से मांग की है कि इस 223 किलोमीटर लंबी सड़क को बनाने से कई राज्यों को आपस में जोड़ा जा सकता है। इस सड़क का व्यापारिक, धार्मिक और किसानों की दृष्टि से बहुत अधिक महत्व है।
सांसद के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सैनी ने कहा कि पटियाला से हरिद्वार तक फोरलेन सड़क बनाए जाने से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को एक दूसरे के साथ जोड़ा जा सकता है। सांसद ने कहा कि इस मार्ग का बहुत बड़ा हिस्सा उनके लोकसभा क्षेत्र कुरुक्षेत्र से यमुनानगर के बीच में पड़ता है। यह मार्ग धर्मनगरी हरिद्वार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को जोड़ता है और सावन माह में लाखों लोग कांवड़ लेकर देश के कोने-कोने तक पहुंचते हैं।
सांसद ने कहा कि किसानों के लिए भी इस मार्ग को फोरलेन करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इस मार्ग पर तीन शुगर मिल, पांच सब्जी मंडी और पांच अनाज मंडी भी पड़ती हैं। सांसद ने कहा कि देश के सबसे बडे़ राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 44, राष्ट्रीय राजमार्ग 152 एडी और राष्ट्रीय राजमार्ग हिसार चंडीगढ़ को भी यह सड़क जोड़ने का काम करेगी, इसलिए इस सड़क को पटियाला से हरिद्वार तक फोरलेन किया जाए। इस सड़क के बनने से लाखों लोगों की मांग पूरी होगी।
सांसद नायब सिंह सैनी ने सदन में कुरुक्षेत्र शहर के लिए बाईपास के निर्माण के लिए मांग रखते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के बीचों बीच सड़क पर रोजाना जाम की स्थिति रहती है। यहां पर साल भर में लाखों पर्यटक आते है और गीता महोत्सव, सूर्य ग्रहण, सोमवती अमावस्या जैसे कार्यक्रम भी होते है, इसलिए कुरुक्षेत्र शहर के लिए जल्द से जल्द बाईपास बनवाया जाए।
जगाधरी व अंबाला रूट पर ट्रेनों का दोबारा ठहराव करने की मांग
सांसद सैनी ने कहा कि कोरोना महामारी से पहले जगाधरी व अंबाला के बीच चलने वाली ट्रेनों का सरस्वती नगर मुस्तफाबाद स्टेशन पर नियमित ठहराव था, जिसे लॉकडाउन में बंद कर दिया गया था। अब कोरोना महामारी का प्रभाव कम हो गया है, जिसके चलते दफ्तर, स्कूल व कालेज खुल चुके है। सांसद ने मांग की कि सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का फिर से ठहराव किया जाए।