संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद (कुरुक्षेत्र)। राजकीय मिडिल प्राइमरी स्कूल चनारथल में मिड-डे मील के खाने में छिपकली मिलने का मामला सामने आया है। खाना खाने के बाद कुछ बच्चों को उल्टियां होने लगी तो उन्होंने अपने अभिभावकों को इसकी जानकारी दी। इस दौरान एक बच्चे के अभिभावक ने टिफिन में छिपकली होने की शिकायत की। इसके बाद हरकत में आए स्कूल प्रशासन ने मुनादी कर मिड-डे मील खाने वाले सभी 110 बच्चों को एकत्रित किया और अस्पताल में उनकी जांच कराई।
संभावना जताई जा रही है कि सब्जी बनने के बाद उसमें छोटी छिपकली गिर गई, जो एक बच्चे के टिफिन में चली गई। अगर सब्जी बनाते समय छिपकली गिरी होती तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। स्कूल के प्रिंसिपल कैलाश सतीजा ने बताया कि मिड-डे मील में आलू की सब्जी और पूरी बनाई गई थी। आधी छुट्टी के समय उन्होंने भी स्टाफ के साथ वही खाना खाया था, जो बच्चों को परोसा गया। दोपहर 12 बजे तक बच्चे स्कूल में रहे।
छुट्टी के बाद एक अभिभावक टिफिन लेकर आया और सब्जी में छिपकली मिलने की शिकायत की। जांच में पाया गया कि टिफिन में मिड-डे मील की ही सब्जी थी, मगर उसमें छिपकली का बच्चा पूरा साबुत था। कहीं से गला व कटा हुआ नहीं था। एहतियात के तौर पर बच्चों को एकत्रित कर सभी की जांच कराई गई है।
मिड-डे मील में छिपकली मिलने की सूचना के बाद सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी भी अस्पताल पहुंचे और बच्चों बातचीत कर चिकित्सकों को बेहतर तरीके से जांच और उपचार के निर्देश दिए। इस संबंध में जहां स्कूल प्रशासन सब्जी बनाते समय उसमें छिपकली गिरने की बात से इंकार कर रहा है। वहीं जिला शिक्षाधिकारी अरुण आश्री का कहना है कि बच्चों को स्कूल से टिफिन ले जाने की व्यवस्था नहीं है। स्कूल में खाना बनाते समय हर चीज का ध्यान रखा जाता है।
बच्चों पर सुबह तक रखी जाएगी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मिड-डे मील खाने से बीमार हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर रविवार सुबह तक नजर रखी जाएगी। इसके लिए कोविड के दौरान बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये स्कूल के शिक्षक नजर रखेगे। इसके अलावा बच्चों पर नजर रखने के लिए आशा वर्कर और अस्पताल के स्टाफ की एक टीम भी बनाई गई है। बच्चों के साथ स्पताल का हेल्पलाइन नंबर 108 भी शेयर किया गया है। इस नंबर पर अभिभावकों सूचना देकर तुरंत सहायता ले सकेंगे। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी हरजीत कौर ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
राजकीय मिडिल प्राइमरी स्कूल चनारथल में मिड-डे मील के खाने में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। खाना खाने से बीमार हुए 110 बच्चों को स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जांच के बाद इन बच्चों को दवाइयां दी गई। एहतियात के तौर पर शाम पांच तक बच्चों को सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। पांच बजे के बाद बच्चों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सरकारी अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर बच्चों के साथ शेयर किया। अस्पताल की ओर से आशा वर्कर व अस्पताल स्टाफ की एक टीम बनाई गई। यह टीम बच्चों के स्वास्थ्य पर पूरी रात और रविवार सुबह तक नजर रखेगी। यह टीम बच्चों के संपर्क में रहेगी और कोई परेशानी होने पर तुरंत मेडिकल सहायता देगी। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी हरजीत कौर ने अस्पताल का दौरा करके उनसे बातचीत भी की। बातचीत में उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
पूर्व राज्य मंत्री ने पहुंचे अस्पताल
मामले की सूचना पाकर सीएम के राजनैतिक सचिव कृष्ण बेदी अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बच्चों से भी बातचीत करके हौसला दिया। कहा कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि हर बच्चे की बेहतर तरीके से जांच की जाए। आधे-आधे घंटे के बाद हर बच्चे का स्वास्थ्य की जानकारी हासिल करे। जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी को मिड-डे मील का खाना बनाते समय स्वच्छता का ध्यान करने के आदेश दिए गए। उन्होंने विकट परिस्थिति में सराहनीय कार्य करने वाली आशा वर्कर सुशीला व महिंद्रों को 15 अगस्त पर सम्मानित करने का एलान किया।
खाने में नहीं गिरी छिपकली: अरुण आश्री
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि खाने में छिपकली नहीं गिरी। सुबह 10 बजे बच्चों ने खाना खाया था। स्कूल की छुट्टी होने तक सभी बच्चे ठीक थे। स्कूल में किसी तरह का टिफिन सिस्टम नहीं है। जिस बच्चे को सबसे पहले अस्पताल ले जाया गया था वह बच्चा भी बिल्कुल स्वस्थ है।
टिफिन की सब्जी मिड-डे मील की, छिपकली साबुत
स्कूल के प्रिंसिपल कैलाश सतीजा ने बताया कि मिड डे मील में आलू पूरी बनाई गई थी। आधी छुट्टी के समय उन्होंने भी स्टाफ के साथ वही खाना खाया था, जो बच्चों को परोसा गया। दोपहर 12 बजे तक बच्चे स्कूल में रहे। छुट्टी के बाद एक अभिभावक टिफिन लेकर आया और सब्जी में छिपकली मिलने की शिकायत की। जांच में पाया गया कि टिफिन में मिड-डे मील की ही सब्जी थी, मगर उसमें छिपकली का बच्चा साबुत था। कहीं से गला व कटा हुआ नहीं था।
हेल्पर्स ने संभाली कमान
मामले की सूचना पाकर हेल्पर्स की टीम तिलक राज अग्रवाल के नेतृत्व में एंबुलेंस सहित गांव चनारथल पहुंची और बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में बच्चों के लिए नींबू पानी व भोजन की व्यवस्था की गई।
बच्चों का कुशलक्षेम पूछते सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी। संवाद- फोटो : Kurukshetra
अस्पताल में पहुंचे बच्चे व अभिभावक। संवाद- फोटो : Kurukshetra