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सुनो सरकार ! चूल्हे तक पहुंची महंगाई की मार

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दुकान पर गैस सिलिंडर की सप्लाई करता कर्मचारी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। महंगाई की मार से पहले ही परेशान लोगों को बड़ा झटका लगा है। अब जिले में घरेलू गैस सिलिंडर (14.2) खरीदने के लिए 1,006 रुपये चुकाने होंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि के बाद शनिवार को घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में 50 रुपये बढ़ गए। इसके साथ कई अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए, जिससे लोगों का बजट बिगड़ गया है।
इस दाम पर गैस एजेंसी से सिलिंडर खरीदने पर भी मात्र 3.67 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा एक मई को कामर्शियल गैस सिलिंडर के दाम को भी बढ़ाया गया था। इसके दाम में सीधे 100 रुपये की वृद्धि की गई थी। इसकी मौजूदा कीमत 2380 रुपये पहुंच गई हैं। कामर्शियल गैस सिलिंडर में उपभोक्ताओं को 19 किलो गैस उपलब्ध कराई जाती है।
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जिले में कुल 27 गैस एजेंसियां है। इन एजेंसियों के ढाई लाख से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर उपभोक्ता है। वहीं कामर्शियल गैस सिलिंडर के भी करीब 35 हजार कनेक्शन है। इन दोनों सिलिंडर के दाम में वृद्धि का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। इस वृद्धि से व्यंजनों की कीमत भी इजाफा हुआ है। इस वृद्धि से लोग सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए कीमत कम करने की मांग कर रहे हैं।
इसका सबसे अधिक प्रभाव व्यंजनों की कीमत पर पड़ा है, जिससे उनके दाम में इजाफा हुआ है। होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने के दाम में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। ऑनलाइन व्यंजनों के दाम पांच से 10 फीसदी बढ़ गए हैं। वहीं इसमें मिलने वाले आकर्षक ऑफर में भी कटौती की गई है। वहीं टिफिन सर्विस देने वाले लोगों ने भी 10 रुपये तक बढ़ा दिए हैं।
सरस्वती गैस एजेंसी के संचालक पवन बंसल ने बताया कि एक मई को कामर्शियल गैस सिलिंडर के दाम 100 रुपये बढ़े थे। सात मई को घरेलू गैस सिलिंडर भी 50 रुपये बढ़ गया। अब इसका दाम एक हजार रुपये के पार हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल के बाद सरकार ने यह वृद्धि की है।
लक्की स्वीट हाउस के संचालक लक्की ने कहा कि अभी तक व्यंजनों के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। दाम बढ़ाने को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। आने वाले दिनों में व्यंजनों के दाम में इजाफा किया जाएगा। इसमें चाय, कॉफी, ब्रेड, पकोड़ा, समोसा, मिठाइयों सहित अन्य व्यंजनों के दाम में बढ़ोतरी की जाएगी।
गृहिणी रमा शर्मा ने बताया घरेलू गैस के दाम बढ़ने से सबसे अधिक मार मध्यम वर्ग पर पड़ रही है। इसके दाम बढ़ने से उन्हें अन्य वस्तुओं में कटौती करनी पड़ती है। रसोई से ही घर का पूरा बजट तय होता है। सरकार को गैस के दाम कम करने चाहिए ताकि आमजन चैन से दाल-रोटी खा सकें।
गृहिणी सविता ने बताया कि सरकार को गैस के दाम कम करने चाहिए। सरकार गैस पर सब्सिडी भी नाममात्र ही दे रही है। सरकार घरेलू गैस के दाम कम करे या फिर सब्सिडी में 100 रुपये तक का इजाफा करे। इस वृद्धि से शादी, पार्टी व अन्य कार्यक्रमों का बजट भी बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में परेशानी होगी।
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पर्ल मार्क होटल के संचालक धीरज गुलाटी ने बताया कि कामर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से उनकी कमाई कम हो गई है। होटल में प्रति माह 80 से 100 कामर्शियल सिलिंडर लग जाते हैं। 100 रुपये इजाफा होने से उन्हें करीब 10 हजार रुपये अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। सरकार से मांग है कि गैस के दाम में कटौती की जाए।
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